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डोनाल्ड ट्रंप की वजह से हैदराबाद के इस मंदिर में बढ़ी भक्तों की भीड़ !

चिल्कुर बालाजी मंदिर

सोच कर हैरानी हो सकती है कि भला डानाल्ड ट्रंप के वजह से लोग मंदिरों में क्यों जाएंगे पर यह सच है.

अमरीकी राष्ट्रपति के एच-1बी वीजा नियमों पर सख्ती के कारण हैदराबाद के चिल्कुर बालाजी मंदिर में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगने लगी हैं. मंदिर प्रशासन के अनुसार ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से इस मंदिर में आने वाले लोगों की तदाद में कई गुणा बढ़ोतरी हुई है.

दरअसल चिल्कुर बालाजी मंदिर को वीजा टेंपल कहा जाता है.

ऐसा माना जाता है कि यहां मन्नत मांगने से वीजा मिलने में आने वाली अड़चने दूर हो जाती हैं.

पिछले कुछ दिन से देश भर के लोग अमेरिका का वीजा प्राप्त करने के लिए भगवान बालाजी से मन्नत मांगने आ रहें हैं. सॉप्टवेयर इंजीनियर्स में यह मंदिर वीजा प्राप्त करने के लिए काफी लोकप्रिय है. वैसे आम दिनों में भी 500 साल पुराने इस मंदिर में हर हफ्ते 1 लाख श्रद्धालु पूजा करने पहुंचते हैं.

ट्रंप के रास्ट्रपति बनने के बाद से इस संख्या में काफी ईजाफा हुआ है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में एच-1 बी वीजा प्राप्त करने के नियमों में बदलाव कर इसे सख्त बना दिया है. इसके बाद से अमेरिका का वीजा प्रप्त करने की तमन्ना रखने वाले कई लोगों को अब चिल्कुर बालाजी मंदिर से ही उम्मीद है. यहां आने वाले श्रद्धालु बालाजी को अपना पासपोर्ट और नारियल चढ़ाने के साथ इस मंदिर के 11 चक्कर लगाते हैं. जब मन्नत पूरी हो जाती है तो श्रद्धालु को मंदिर में फिर आकर 108 चक्कर लगाने होते हैं.

ऐसा नहीं कि चिल्कुर बालाजी मंदिर वीजा प्राप्त करने के लिए देश का एकमात्र धार्मिक स्थल है. जलंधर में एक गुरुद्वारा भी है जिसके बारे में यह मान्यता है कि यहां आने वालों की वीजा संबंधी हर मुश्किल दूर होती है. जंलंधर का यह गुरुद्वारा भी वीजा वाला गुरुद्वारे के नाम से मशहूर हो गया है.

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