ENG | HINDI

बहुत खास है ये मंदिर यहां कैश नहीं बल्कि सिर्फ कार्ड से दान लिया जाता है !

कैशलेस मंदिर

कैशलेस मंदिर – अब तक आप जितने भी मंदिरों में गए होंगे प्रसाद के साथ ही दानपेटी को कुछ न कुछ कैश भी डाला ही होगा, क्योंकि बड़े-बुज़ुर्गों के मुताबिक मंदिर में पैसे दान करने से पुण्य मिलता है.

इसलिए मंदिर जाने से पहले लोग अपनी जेब भर लेते हैं, मगर हमारे देश में एक मंदिर ऐसा भी है जहां लोग खाली जेब भी जा सकते हैं.

ये अनोखा मंदिर है गुजरात के भरूच शहर में में जहां भगवान को चढ़ावे में पैसे नहीं चढ़ाए जाते.

इसका मतलब ये नहीं है कि यहां दान दिया ही नहीं जाता.

दान तो दिया जाता है मगर कार्ड से. जी हां, ये कैशलेस मंदिर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने वाले इस मंदिर में कोई नकद भेंट नहीं चढ़ाई जाती और यह पूरी तरह से कैशलेस है, ये कैशलेस मंदिर है. यानी देश भले ही सालों बात कैशलेस हो, मगर मंदिर मोदी जी की दिखाई राह पर पहले से ही चल रहा है.

आपको बता दें कि मंदिर का नाम जन विकास मंदिर है और इसका प्रबंधन कम्युनिटी डेवलपमेंट चैरिटी टस्ट करता है. यह अनूठा मंदिर भरूच शहर स्थित गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेट की टाउनशिप में स्थित है.

जीएनएफसी के अतिरिक्त महाप्रबंधक आर सी जोशी के मुताबिक ‘करीब एक वर्ष पहले यह मंदिर कैशलेस हुआ. यह काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के अभियान के तहत हुआ है. उन्होंने बताया कि यहां आने वाले श्रद्धालु एवं दर्शनार्थी यदि भेंट चढ़ाना चाहते हैं तो वे पुजारी के पास मौजूद पीएसओ मशीन की मदद से क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिये भेंट की राशि को मंदिर के बैंक खातें में डलवा देते हैं.

मंदिर के पुजारी महेशभाई जोशी ने बताया कि मंदिर में पेटीएम, भीम एप के जरिए भी भेंट चढ़ाई जाती है.

इस मंदिर प्रांगढ़ में शिवजी, राधाकष्ण, दुर्गा माता और रामजानकी दरबार के चार अलग अलग मंदिर हैं. चारों मंदिरों के लिए अलग अलग पेटीएम नंबर हैं. इनमें भक्त अपने भगवान को भेंट चढ़ा सकता है.

छोटे शहरों और गांवो के लोग भले ही अभी तक डिजीटल और कैशलेस के फंडे को न समझ पाए हों, मगर भगवान उनसे ज़्यादा हाइटेक निकले और अभी से ही कैशलेस हो गए हैं.

Don't Miss! random posts ..