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रात के ये साढ़े तीन मिनट आपकी जान बचा सकते है !

रात के साढ़े तीन मिनट

रात में की गई एक छोटी सी अनदेखी लाखों लोगों की जान लेती है।

अकसर आपने सुना और देखा होगा कि रात में कोई इंसान हष्ट-पुष्ट था लेकिन सुबह बिस्तर पर मृत पाया गया। इसके पीछे के सबसे बड़े कारण के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं।

डॉक्टर मानते हैं कि रात में पेशाब का आना इसका बहुत बड़ा कारण है।

इसके पीछे तर्क यह दिया जाता है कि जब इंसान रात में सो रहा होता है तो उसका शरीर शांत अवस्था में होता है। उसका मस्तिष्क भी आराम कर रहा होता है। रक्त का संचार धीमा होता है। लेकिन जब किसी को मूत्र लगता है तो कुछ लोग तुरंत बड़ी फुर्ती से उठते हैं और बाथरुम की ओर चले देते हैं।

यह फुर्ती ही उसके मौत का कारण बनता है।

होता यह है कि फुर्ती से उठने के कारण खून का प्रवाह मस्तिष्त तक नहीं हो पाता और ह्रदय की क्रिया बंद हो जाती है। परिणाम स्वरुप इंसान की मृत्यु हो जाती है।

इतना ही नहीं अधेड़ उम्र के बाद ज्यादातर लोगों की फुर्ती की आदत अकसर उनके चोट का कारण भी बनता है। इस कारण से अकसर इंसान को गिर जाना, ठोकर लगना, किसी वस्तु या दीवार से टकरा जाना जैसी परेशानियों का कारण भी होता है।

उन अकस्मात मौतों और दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण यही है इसलिए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने रात में उठने के तरीके बताये हैं जिसे अपना लिया जाए तो अकस्मात होने वाली मौतों में कमी लाई जा सकती है।

डॉक्टरों ने रात में उठने के लिए रात के साढ़े तीन मिनट के तरीके बताएं है।

डॉक्टर मानते हैं कि इंसान को रात में उठने के लिए साढ़े तीन मिनट का वक्त लगना चाहिए। नींद खुलने के बाद आधा मिनट बिस्तर पर ही लेटे रहना चाहिए। उसके बाद आधे मिनट तक बिस्तर पर बैठे रहना चाहिए। बाकि बचे हुए ढ़ाई मिनट तक पैरों को नीचे लटकाते हुए झुलाते रहना चाहिए।

इस तरह से रात के साढ़े तीन मिनट में उठना इंसान को अकस्मात होने वाली मौतों के बचा सकता है।

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