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सावन के महीने में शिवभक्तों को भूले से भी नहीं करने चाहिए ये काम !

सावन के महीने में

सावन के महीने में – साल के बारह महीनों में सावन का महीना बेहद खास होता है क्योंकि यह पूरा महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय होता है.

इस महीने लोग पूरे भक्तिभाव के साथ भगवान शिव की भक्ति करते हैं.

मान्यता है कि सावन के इस पावन महीने में भगवान शिव अपने भक्तों के बीच निवास करते हैं इसलिए इस दौरान जो भगवान शिव की पूरे भक्तिभाव के साथ आराधना करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं.

लेकिन शास्त्रों में श्रावण मास को लेकर कुछ ऐसे काम बताए गए हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए. कहा जाता है कि सावन के महीने में वर्जित इन कामों को करने से आपके जीवन की परेशानिया खत्म होने के बजाय और बढ़ सकती है. इतना ही नहीं भगवान शिव भी आपके इन कामों से रुष्ट हो सकते हैं.

तो चलिए हम आपको बताते हैं वो 10 काम जिन्हें श्रावण मास में भूलकर भी नहीं करना चाहिए.

1- सुबह देर तक सोने से बचें

वैसे तो हर रोज सुबह उठने की आदत सबसे अच्छी होती है लेकिन अगर आपको देर तक सोने की आदत है तो भगवान शिव को समर्पित इस श्रावण महीने में आपको सुबह जल्दी उठने की आदत डाल लेनी चाहिए.

अगर आप भगवान शिव की कृपा पाना चाहते हैं तो आपको सुबह जल्दी बिस्तर छोड़ देना चाहिए क्योंकि शिव की भक्ति के लिए सुबह-सुबह का समय सबसे अच्छा होता है. इसके साथ ही एकाग्रता के साथ की गई पूजा बहुत जल्दी शुभ फल प्रदान करती है.

2- मन में ना आने दें बुरे विचार

सावन के महीने में अपने मन में किसी भी तरह के बुरे विचार ना आने दें. किसी को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाना, अधार्मिक काम करने के लिए सोचना, स्त्रियों के लिए गलत सोचना इस तरह के विचारों को अपने मन में ना आने दें नहीं तो आपको मन बेकार की बातों में उलझा रहेगा और आप शिव की पूजा ठीक तरह से नहीं कर पाएंगे.

3- लोगों का अपमान ना करें

वैसे तो हमेशा लोगों का सम्मान करना चाहिए लेकिन सावन के महीने में इस बात का खास ख्याल रखें कि भूले से भी आप किसी का अपमान ना करें. खासकर बुजुर्ग व्यक्ति, गुरु, भाई-बहन, जीवनसाथी, माता-पिता, मित्र और ज्ञानी लोगों का सम्मान करें.

सावन महीने में इस बात का पालन जरूर करना चाहिए नहीं तो आपको शिवजी की कृपा नहीं प्राप्त होगी. क्योंकि शिवजी ऐसे लोगों से प्रसन्न नहीं होते हैं जो लोगों का अपमान करते हैं.

4- पति-पत्नी ना करें वाद-विवाद

आमतौर पर पति-पत्नी के बीच छोटे-मोटे झगड़े तो होते ही रहते हैं. लेकिन इन्हीं छोटे-छोटे झगड़ों से पूरे घर का माहौल अशांत हो जाता है.

सावन के महीने में इस बात का खास ख्याल रखें कि घर में पति-पत्नी के बीच किसी भी तरह का मतभेद ना हो. इसलिए अगर आप शिवजी की कृपा पाना चाहते हैं तो घर में प्रेम बनाए रखें और एक-दूसरे की गलतियों को भूलकर आगे बढ़ें. इससे आपका मन प्रसन्न रहेगा और प्रसन्न मन से पूजा करेंगे तो भगवान शिव की कृपा जल्दी प्राप्त होगी.

5- अपने मन को शांत रखें

अगर आपको बात-बात पर गुस्सा आता है तो हम आपको बता दें कि सावन के महीने में आपको अपने गुस्से पर काबू रखना होगा नहीं तो भगवान शिव की कृपा से वंचित रह जाएंगे.

क्रोध एक बुराई है जो आपके मन की एकाग्रता और सोचने-समझने की शक्ति को खत्म कर देता है. इसलिए शिवजी की कृपा पाने के लिए खुद को शांत रखना बहुत जरूरी है.

6- शिवलिंग पर हल्दी ना चढ़ाएं

भगवान शिव की पूजा करते समय शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए. शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाने के बजाय उसे जलाधारी पर चढ़ानी चाहिए.

हल्दी स्त्री से संबंधित वस्तु है जबकि शिवलिंग पुरुष तत्व से संबंधित है. यही वजह है कि सावन के महीने में शिव की पूजा के दौरान शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाने की गलती करने से बचें.

7- सावन में ना करें दूध का सेवन

विज्ञान के अनुसार सावन महीने में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इन दिनों दूध का सेवन वात बढ़ाने का काम करता है. अगर दूध का सेवन करना ही है तो उसे खूब उबालकर पीएं और कच्चे दूध से पूरे महीने शिवलिंग का अभिषेक करें.

सावन में दूध पीने के बजाय हर रोज शिवलिंग का अभिषेक करें. ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होंगे और आप पर अपनी कृपा बरसाएंगे.

8- हरी पत्तेदार सब्जियां ना खाएं

शास्त्रों के अनुसार सावन के महीने में हरी पत्तेदार सब्जियों को खाना वर्जित माना गया है. सावन में साग में वात बढ़ानेवाले तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है इसलिए इन दिनों साग फायदा पहुंचाने के बजाय आपको नुकसान पहुंचा सकता है.

इन दिनों कीट-पतंगों की संख्या बढ़ जाती है और साग के साथ घास-फूस भी उग आते हैं जो सेहत के लिए हानिकाक होते हैं. साग के साथ मिलकर ये हानिकारक तत्व हमारे शरीर में पहुंच सकते हैं इसलिए सावन में साग का सेवन नहीं करना चाहिए.

9- बैंगन का सेवन करना है वर्जित

बैंगन एक ऐसी सब्जी है जिसका सेवन सावन के महीने में वर्जित माना गया है क्योंकि बैंगन को शास्त्रों में अशुद्ध माना गया है. सिर्फ सावन ही नहीं कार्तिक मास का व्रत रखनेवाले लोग भी उस दौरान बैंगन का सेवन नहीं करते हैं.

धार्मिक कारणों से परे अगर विज्ञान की बात मानें तो सावन में बैंगन में कीड़े ज्यादा लगते हैं ऐसे में बैंगन का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है इसलिए सावन में बैंगन खाना वर्जित है.

10- सावन में नॉनवेज खाने से बचें

सावन का महीना पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित है इसलिए इस महीने में मांसाहार यानी नॉनवेज खाने से बचना चाहिए. मांसाहार के लिए निर्दोष जीव की हत्या की जाती है और शास्त्रों के अनुसार जीव हत्या को पाप माना गया है. इसलिए मांसाहार छोड़कर इस पाप से बचें.

इसके अलावा सावन में वर्षा ऋतु रहती है जिससे आसमान में बादल छाए रहते हैं और इस दौरान हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है. जबकि नॉनवेज खाने को पचाने के लिए पाचन शक्ति का मजबूत होना बेहद जरूरी है.

बहरहाल सावन के महीने में इन 10 वर्जित कामों को ना करने में ही भलाई है क्योंकि इससे आप अपने तन और मन को संतुलित बनाए रखने के साथ ही भगवान शिव की कृपा भी प्राप्त कर सकते हैं.

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