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गिफ्ट में मिला ये सामान कर देता है पैसे-पैसे के लिए मोहताज

शायद ही दुनिया में कोई ऐसा इंसान होगा जिसे गिफ्ट लेना पसंद ना हो। गिफ्ट लेना और देना सोशल लाइफ का एक अहम हिस्‍सा होता है। कभी किसी को इंप्रेस करने के लिए तोहफे देने पड़ते हैं तो कभी जन्‍मदिन या शादी के समारोह में तोहफा लेकर जाना होता है।

उपहार को शुभ कामनाओं का प्रतीक माना जाता है। तोहफों के ज़रिए हम अपनी शुभ कामनाएं दूसरे व्‍यक्‍ति को देते हैं। जाहिर सी बात है कि तोहफे किसी को खुशी देने के लिए दिए जाते हैं इसलिए इन्‍हें उनकी पसंद का होना भी जरूरी होता है। इसके अलावा तोहफे में कुछ ऐसी चीज़ें देनी चाहिए जो उस व्‍यक्‍ति के जीवन में सकारात्‍मकता लाएं और उनकी खुशियों को बढ़ाकर दोगुना कर दें।

किसी से गिफ्ट लेने से पहले उसकी भावनाओं को जांच लें। कुछ ऐसी चीज़ें होती हैं जो पाई-पाई के लिए मोहताज कर देती हैं। ऐसी चीज़ों को ना तो किसी को तोहफे में देनी चाहिए और ना ही किसी से इन्‍हें तोहफे में लेना चाहिए।

ऐसी चीज़ों को अपने घर में जगह देने जैसे प्रचंड जीवों की तस्‍वीरों में शेर, बाघ, चीता या किसी डूबते हुए जहाज़ की तस्‍वीर, कोई नुकीली वस्‍तु जैसे चाकू, छुरी और परफ्यूम, काले रंग के कपड़े, जूते, रूमाल और घड़ी आदि से बचना चाहिए।

शनिवार के दिन अपने मित्रों से लेन-देन बिलकुल नहीं करना चाहिए और ना ही इस दिन उनसे बहस करनी चाहिए। तोहफे में कभी भी काले रंग की वस्‍तु भेंट ना करें और ना ही कोई काले रंग की वस्‍तु स्‍वीकार करें। काला रंग राहु से प्रभावित होता है और ये दोस्‍ती के लिए शुभ नहीं माना जाता है।

इसके अलावा अपने घर की महिलाओं को समय-समय पर वस्‍त्र, गहने उपहार में देते रहें। ऐसा करने से धन की देवी मां लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होती हैं और आपका घर धन-धान्‍य से भर देती हैं। जब आप अपने घर की लक्ष्‍मी का सम्‍मान करेंगे तो आपके घर में स्‍वयं महालक्ष्‍मी का वास होगा।

महीने में एक बार ऑफिस में मिठाई लेकी जरूर आएं। अपने दोस्‍तों और अन्‍य सहकर्मियों के साथ मिठाई को खाएं। इससे आपके जीवन में उन्‍न‍ति के मार्ग खुलते हैं।

तोहफे के लेन-देन में सूर्यास्‍त के बाद किसी भी तरह का उपहार ना तो स्‍वीकार करें और ना ही किसी को भेंट करें। ऐसा करने से धन का नुकसान होता है और इस समय दूध, दही और प्‍याज किसी को नहीं देनी चाहिए। इससे घर की सुख-समृद्धि खत्‍म हो जाती है और वहां रहने वाले लोग दरिद्र हो जाते हैं।

अगर आप किसी को तोहफा देना चाहते हैं तो कुछ ऐसा दें जिसकी उन्‍हें जरूरत हो या जो भी उन्‍हें पसंद हो वो खरीदकर उन्‍हें तोहफे में दें। ऐसा करने से आपके तोहफे की कीमत उनकी नज़रों में और बढ़ जाती है और तोहफा देने का आपका मकसद भी पूरा हो जाता है।

पृथ्‍वी पर मौजूद हर चीज़ के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं, उसी तरह तोहफों के लेन-देन के भी कुछ नियम हैं जिनका पालन करने पर सुख-समृद्धि मिलती है और अगर इन्‍हें नज़रअंदाज़ कर दिया जाए तो ये धन हानि का कारण बनते हैं।

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