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एक मोहब्बत जिसने पहाड़ को भी झुका दिया

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शाहजहाँ और मुमताज़ की प्रेम कहानी हम सदियों से सुनते आ रहे हैं.

ये मुमताज़ का प्यार ही था जिसके कारण  शाहजहां ने अपनी महबूबा की याद में ताज़महल जैसी खुबसूरत ईमारत बनवा डाली जो आज दुनिया के लिए अजूबा हैं.

पर ऐसी ही एक और प्रेम कहानी हैं जिसे सुन कर, आपका प्यार पर यकीन और ज्यादा बढ़ जायेगा.

ऐसी है एक मोहब्बत जिसने पहाड़ को भी झुका दिया.

“मांझी और फाल्गुनी की प्रेम कहानी”

1934 में बिहार के गया जिला के गहलौर नाम के गाँव में दशरथ मांझी का जनम हुआ..मजदूरी कर के अपनी जिंदगी चलाने वाले मांझी की शादी दुसरे गाँव की फाल्गुनी से हुई पर उस दुसरे गाँव के बीच में एक पहाड़ भी था जो गहलौर में रहने वालो की मुसीबत का कारण था..इस पहाड़ की वजह से सारे लोगो को दुसरे गाँव जाने के लिए  लम्बे रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता था और अगर कोई इस पहाड़ को पार करने की कोशिश करता भी था तो या वो गिर जाता या किसी वजह से उसे चोट लगा जाती थी. गाँव कई लोग इसी पहाड़ के चलते अपनी जान भी गंवा चुके थे.

ऐसा ही एक हादसा मांझी की पत्नी फाल्गुनी के साथ भी हुआ और इस पहाड़ की वजह से ही मांझी अपनी पत्नी को सही समय पर ज़रूरी इलाज़ मुहैय्या नहीं करा पाया जिसके चलते मांझी की पत्नी की मौत हो गयी. अपनी पत्नी की मौत से मांझी इतना ज्यादा व्यथित हुआ की उसने तय किया कि इस पहाड़ को काट कर एक रास्ता बनाएगा, ताकि आगे कभी इसकी वजह से किसी और की मौत न हो.

लोगो को मांझी की ये बात बेवकूफाना लगी. कई लोगो ने ये तक कहा की मांझी को उसकी पत्नी के चले जाना का  ऐसा सदमा लगा है कि वो पागल हो गया हैं. पर मांझी ने लोगो की इस बात पर ध्यान नहीं दिया और दिल में ठान लिया कि जब तक वो इस पहाड़ के बीच से रास्ता नहीं बनाएगा शांत नहीं बैठेगा, लोग चाहे उसे कुछ भी कहे.

मांझी बिना रुके रोज़ उस पहाड़ को तोड़ने लगा और 22 साल में अत्री और वज़ीरगंज के बीच पहाड़ को काट कर जाने का रास्ता बना कर असंभव से लगने वाले काम को उसने पूरा कर ही लिया.

ऐसी सच्ची कहानी को देख कर लगता है कि शायद प्यार से बड़ी ताक़त इस पूरी कायनात में शायद ही होंगी.

साथ ही आप सब के लिए एक अच्छी बात ये हैं कि इस कहानी पर हमारे बॉलीवुड में एक फिल्म भी बन रही हैं.

जिसका निर्देशन केतन मेहता कर रहे हैं और मांझी का किरदार पूरी दुनिया में अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके अभिनेता नवाज़ुदीन सिद्धिकी निभा रहे हैं और फाल्गुनी का किरदार बॉलीवुड में कुछ समय पहले आई राधिका आप्टे कर रही हैं.

उम्मीद करते हैं कि फिल्म भी उतनी ही दिलचस्प होगी जितनी की “मांझी और फाल्गुनी की ये प्रेम कहानी” 

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