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बेटी को नहीं बल्कि बेटे को भी समझाये उचित बातें

लड़कों को भी बताये कुछ बातें

बैंगलोर में हुई शर्मनाक घटना ने एक बार फिर से देश को झकझोर दिया है.

बात समझ से परे होती जा रही है कि अगर उस जश्न में लड़कियों ने लड़कों को नहीं छेड़ा, हैंडसम लड़कों को देखकर उन लड़कियों का दिल नहीं फिसला, तो फिर उन लड़कों का दिल क्यों हर बार की तरह इस बार भी मचल गया ?

आख़िर क्यों बार-बार इस तरह की मचलन लड़कों के ही दिलों में होती है.

आख़िर कमी है कहाँ ?

उनकी परवरिश में या फिर उनकी जींस में? ऐसे बहुत से सवाल हैं जो समाज की और मुंह बाए खड़े हैं. असल में बात ये है कि शायद हम ही अपने घरों के लड़कों को वो सब नहीं सिखा पा रहे हैं जो लड़कियों को सिखाते हैं.

तो चलिए हम आपको बताते हैं कि अब समय आ गया है कि आप अपने लड़कों को भी बताये कुछ बातें, जिससे वो इस तरह की हरक़त अगली बार न करें.

लड़कों को भी बताये कुछ बातें –

1 – लड़कियों को बराबर समझना

सबसे पहले तो बचपन से ही अपने बेटों को ये समझाएं कि लड़कियां उनके ही बराबर हैं. उन्हें किसी तरह की वास्तु समझने की कोशिश न करें. इस भूल से बचें कि वो लड़कियों को किसी भी तरह से ट्रीट करें.

2 – बदलिए उनका नज़रिया

बहुत ज़रूरी है कि आप पाने लाडले के नज़रिए को बदलें. समाज में लड़कियों को दूसरी तरह से देखना बंद करें. अगर कोई लड़की हंसकर बता कर लेती है तो इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है कि वो इन्हें खुली छूट दे रही है.

3 – सम्मान करना

ये हमें मत बताइए कि आपका बेटा आपका कितना सम्मान करता है. आप खुद भी जानती हैं कि सोसाइटी के चबूतरे पर शाम को बैठकर वो आती-जाती लड़कियों को किस निग़ाह से देखता है. उसके मुंह से निकलने वाली कितनी गालियाँ आप भी सुनी होंगी, लेकिन वो बेटा है, इसलिए कुछ नहीं कहना. इस आदत को बदलिए.

4 – उनकी विकृत सोच को बदलिए

अगर आपके बेटे की सांगत किसी बुरे लडके के साथ है तो उसे समझाइए. उसे इस बात को प्यारा से समझाइए कि कपड़ों से किसी लड़की का चरित्र वो नहीं माप सकता. सड़क पर जा रही कम कपड़ों वाली लड़की पर उसका कॉपी राईट नहीं है. जो उसे एक बार छूने की कोशिश करता है. ट्रेन, बस, ऑटो आदि जगहों पर सामने खड़ी लड़की को घूरने का हक उसे किसी ने नहीं दिया.

इस तरहा से लड़कों को भी बताये कुछ बातें – ऐसी और भी बहुत सी बातें हैं जो आप अपने लाडले को समझा सकती हैं. आप भी औरत हैं, ऐसे में उसे ये सारी बातें उसके पिता से ज्यादा आप समझा सकती हैं. उसके बचपन से अपने इस अधिकार को जताते हुए आप अपना फ़र्ज़ पूरा कीजिए, क्योंकि हो सकता है की कल को आपके घर की लड़की की बारी हो.

उसे कोई लड़का छेड़े, फिर आपका बेटा क्या करेगा ?

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