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मेरा लड़कियों की भूमिका निभाना मेरे बेटे के लिए है शर्मिंदगी की वजह : सुनील ग्रोवर

सुनील ग्रोवर

कला असीमित है।

जिसकी कोई परिधि नहीं होती है।

यद्यपि व्यवसाय में परिवर्तित होते ही, प्रत्येक कलाकार को हर वह कार्य करना जरूरी होता है.

जो कला के साथ-साथ उसको आर्थिक रूप से संपन्न भी कर सकें। अक्सर हर तरह का कार्य करना अन्य लोगों (परिवार के सदस्य) के लिए शर्मिंदगी का सबब बन जाते हैं।

जोकि हाल ही में सुनील ग्रोवर के साथ हुआ है।

यह वाकया मशहूर कलाकार सुनील ग्रोवर या कह लें गुत्थी उर्फ रिंकू देवी उर्फ मशहूर डॉ। गुलाटी से संबंधित है।

वो सुनील जो अलग-अलग किरदारों में लोगों को एंटरटेंट करता हैं। साथ ही तनावग्रस्त लोगों में खुशियां बिखेरता है। मगर वो यह अधिकतर लड़की की पोशाक में करते हैं। और ऐसा करना सुनील का बेटे को पसंद नहीं है। यह कहना है सुनील ग्रोवर का जिनके इस तरह के किरदार निभाने से उनके बेटे को शर्मिंदगी महसूस होती है।

दरअसल, आनेवाली  फिल्म कॉफी विद डी के लॉन्च में सुनील ग्रोवर ने बताया कि उनके 6 साल के बेटे को उनके इन किरदारों को देखकर शर्म आती है। सुनील ग्रोवर कहते हैं कि एक दिन मेरे 6 साल के बेटे मोहन ने मुझसे कहा कि, पापा आप ये लड़की बनने वाले रोल मत किया करो।

जब मैंने उससे पूछा क्यों न करुं?

तो उसने कोई जवाब नहीं दिया, तब मैंने पता लगाया कि बेटे को उसके दोस्त चिढ़ाते थे कि: – तेरे पापा तो लड़की बनते हैं।

मैंने बेटे की शर्म को खत्म करने के लिए उसे एक मॉल में ले गया, जब वहां लोगों ने मुझे देखा तो मेरे साथ फोटो और सेल्फी खिंचवाने के लिए आने लगे और कुछ लोगों ने मुझे मेरे काम से हंसाने के लिए धन्यवाद भी कहा।

सुनील ग्रोवर ने आगे बताया कि मॉल में मेरे प्रति लोगों का प्यार और सम्मान देख कर उसे एहसास हुआ कि मेरे पापा अच्छा काम करते हैं।

बाद में मैंने भी अपने बेटे को समझाया कि मैं तो लोगो को हंसाने का काम करता हूं और वह खुश होते हैं। मेरे द्वारा निभाए गए फीमेल किरदार की वजह से ही लोग मुझसे इतना प्यार और सम्मान करते हैं। इस बात को ठीक से समझने के लिए मेरा बेटा अभी छोटा है, लेकिन अब वह इतना जरूर समझ गया है कि तमाम लोगों की मुस्कराहट के पीछे पापा का काम है और अब वह मुझ पर गर्व करता है, अब तो मैं डॉक्टर मशहूर गुलाटी का रोल भी निभाता हूं जो उसे बेहद पसंद है।

हालांकि सुनील ग्रोवर के 6 वर्षीय बेटे को पिता का लड़की बनकर, लोगों को हंसाना समझ आ गया हो।

मगर समाज में किसी लड़के-लड़की का एक दुसरे के विपरीत किरदार निभाना, अक्सर लोगों में हंसी का पात्र बन जाता है। जो कहीं-न-कहीं उन कलाकारों के मन मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव छोड़ता है, जैसा कि सुनील ग्रोवर के 6 वर्षीय बेटे पर हुआ।

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