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अगर आप स्कूल या कॅालेज में पढ़ रहे हैं तो हो जाइए म्याऊं-म्याऊं गैंग से सावधान क्योंकि

म्याऊं-म्याऊं ड्रग्स

इस खबर को पढ़ना आपके लिए बेहद जरूरी है.

क्योंकि यदि अनजाने में इस गैंग के झांसे में आ गए तो आप भी करने लगेंगे म्याऊं-म्याऊं.

नाम सुनकर आपको थोड़ा अटपटा जरूर लग रहा होगा, लेकिन यह एक हकीकत है. इस हकीकत को हर उस छात्र को जानना चाहिए जो कॅालेज या स्कूल में पढ़ता हैं. आपको बता दें कि देश के तमाम बड़े शहरों के स्कूल और कॅालेज म्याऊं-म्याऊं गैग के निशाने पर है.

म्याऊं-म्याऊं ड्रग्स

इसका खुलासा समय समय पर होता रहता है. दरअसल, म्याऊं-म्याऊं के नाम मशहूर यह एक ड्रग है जिसे म्याऊं-म्याऊं ड्रग्स या मेफोड्रोन ड्रग कहते हैं. इसका असर ऐसा है कि जो इसको एक या दो बार चख लेता है तो उसको फिर इसकी तलब लगने लगती है. जिस प्रकार रात को बिल्ली अपने शिकार की तलाश में म्याऊं-म्याऊं करती है ठीक उसी प्रकार जिनकों इसकी लत लग जाती है वो भी रात में इसके लिए छटपटाने लगते हैं.

जब कोई युवा इसकी चपेट में आ जाता है तो फिर इस दलदल से निकलना बहुत मुश्किल होता है. और बताया जाता है कि कुछ गैंग स्कूल और कॅालेजों के बाहर छात्र छात्राओं को इसके जाल में फंसाने की फिराक में रहते हैं. इसके लिए उनका पूरा नेटवर्क काम करता है.

ये लोग म्याऊं-म्याऊं ड्रग्स को खाद्य पदार्थों में मिलाकर धोखे से पहले युवाओं को इसका आदि बनाते हैं फिर जब वे जाल में फंस जाते हैं तो उनसे मोटी कमाई करते हैं.

दिल्ली एनसीआर में इस प्रकार के कई गैंग सक्रिय है.

विगत साल मेरठ में पुलिस ने एक ऐसे ही गैंग का पर्दाफाश किया था, जो फेसबुक आदि सोशलनेटवर्किंग के जरिए दोस्त बनाकर युवाओं का फंसाकर उनको ब्लैकमेल करता था. इस जाल में बड़ी संख्या में स्कूली छात्राएं थी.

आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ पांच साल पहले इन नाम से दुनिया वाले रूबरू हुए और देखते ही देखते हमारे देश के कई शहरों में भी म्याऊं-म्याऊं की गूंज सुनाई देने लगी.

ये म्याऊं-म्याऊं ड्रग्स नसों में घुलते ही इंसान को मदहोश कर देता है. बेहद सस्ती कीमत पर मिलने वाला ये ड्रग्स दिल्ली मुंबई के अलावा कई अन्य बड़ें शहरों में भी पापुलर होता जा रहा था.

बताया जाता है कि म्याऊं-म्याऊं ड्रग्स का असर बिल्कुल वैसा ही होता है जैसा कोकीन का होता है. लेकिन कोकीन से कहीं जल्दी ये दिमाग की नसों पर असर डालता है. और इसे लेने वाला इंसान मदहोश होने लगता है.

कोकीन के मुकाबले इसकी कीमत भी बेहद कम है. करीब एक ग्राम कोकीन की कीमत तीन हजार से 12 हजार रुपए के बीच होती है, जबकि इस ड्रग्स की कीमत 800 रुपए से 1200 रुपए के बीच है.

यही वजह है कि इन दिनों म्याऊं-म्याऊं ड्रग्स की मांग रेव पार्टियों में भी तेजी से बढ़ी है.

हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ‘म्याऊं-म्याऊं’ के नाम मशहूर मेफोड्रोन ड्रग की तस्करी में लिप्त एक ‘इंटरनेशल अथलीट’ को उसके दो साथियों के समेत गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से करीब 50 करोड़ रुपये कीमत की 25 किलो से ज्यादा की ड्रग बरामद हुई है.

ये सब देश के युवा पीढ़ी को बर्बाद करने के लिए है. खासकर स्कूली और कॅालेज छात्रों को. इसलिए युवाओं को इस गैंग से सावधान रहने की जरूरत है.

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