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जब गैंगस्टरों के बीच चाक़ू के बदले चली चम्मच… जानिये क्या हुआ?

स्वनिर्मित हथियारों

जब पूरी दुनिया में युद्ध के तौर-तरीके बदल रहे हो तो ऐसे में अपराधी भला कैसे पीछे रह सकते हैं.

इसकी बानगी देखने को मिली मेरठ कचहरी परिसर में, जब अपराधियों ने अपने विरोधी पर हमला करने के लिए स्वचालित हथियारों के बजाय स्वनिर्मित हथियारों का प्रयोग किया.

हुआ कुछ यूं कि मेरठ कचहरी परिसर में पेशी पर लाए गए गैंगस्टरों के दो गुट आपस में भिड़ गए.

घटना 6 सितंबर की है. गैंगस्टर एक्ट के बंदियों को कचहरी में पेशी के लिए लाया गया था. गाड़ी के अंदर दौराला के कुख्यात अरविंद कश्यप और तोफापुर के आनंद के बीच गाड़ी के अंदर सीट पर बैठने को लेकर कहासुनी हो गई. गाड़ी में पुलिस ने दोनों को शांत कर दिया.

दरअसल, आरोपी अरविंद कश्यप कुख्यात किस्म का अपराधी है, जो मेरठ के परतापुर थाने से 41 लाख की लूट के मामले में जेल में बंद है. उसने जेल में भी अपना गिरोह बना रखा है. आरोपी आनंद द्वारा मिली चुनौती से अरविंद बौखलाया गया और अपने साथ पेशी पर आए साथी बंदियों मनीष ,अनिल, रविंद्र और राजू को इशारा कर दिया.

जब सुनवाई से पहले ये सभी अपराधी कचहरी परिसर स्थित सेशन हवालात में बंद थे, उसी वक्त मौका पाकर अरविंद और मनीष ने आनंद पर धारदार चम्मच से वार कर दिया. देखते ही देखते दोनों ओर से धारदार चम्मचों से एक दूसरे पर वार किए जाने लगे. कचहरी में अफरा तफरी का माहौल बन गया. खतरे का अलार्म बजते ही पुलिस दौड़ते हुए हवालात पर पहुंची और अंदर घुसकर स्थिति को काबू में किया. लेकिन जब तक एक बंदी आनंद लहूलुहान हो गया. घायल अवस्था में उसे अस्पताल पहुंचाया गया.

बंदी जेल के भीतर मिलने वाले चम्मच को रगड़कर उसे धारदार बना लेते हैं और इसका इस्तेमाल चाकू के तौर पर करते हैं. बंदियों के बीच आपसी कहासुनी और झगड़े के दौरान इन स्वनिर्मित हथियारों के प्रयोग ने पुलिस की नींद भी उड़ा दी है.

इसके पूर्व भी मेरठ कचहरी परिसर में पेशी के दौरान बंदियों के बीच हुई गोलीबारी में कई अपराधियों की मौत भी हो चुकी है.

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