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सोनिया गाँधी के नाम एक और इतना बड़ा घोटाला ! तो क्या वक़्त आ गया है कि गांधी परिवार को लोकतंत्र की ताकत दिखाई जाये?

सोनिया गांधी

लोग शायद ऐसे ही नहीं बोलते हैं कि गांधी परिवार ने शुरुआत से ही बस देश को लूटा है.

आजादी से बाद इसीलिए महात्मा गांधी, कांग्रेस को खत्म करना चाहते थे. उनको एहसास हो गया था कि अब कांग्रेस पर गांधी परिवार का एकाधिकार हो जायेगा और यह तब अंग्रेजों की तरह देश को लुटने का काम करेंगे. हुआ भी कुछ ऐसा ही और हाल ही में सोनिया गांधी का नाम एक और भ्रष्टाचार में सामने आया है.

इस घोटाले की डील में ड्राइविंग सीट पर सोनिया गाँधी ही बैठी दिख रही हैं.

वैसे रोचक बात यह है कि इस भ्रष्टाचार का खुलासा भारत में नहीं अपितु इटली की एक अदालत ने किया है, जिसमें साफ-साफ सोनिया गांधी का नाम लिखा हुआ है.

लेकिन आज भी गांधी परिवार में इतना दम है कि वह बिना डरे खुद को पाक-पवित्र होने का दावा करते हैं.

आइये पहले जानते हैं कि पूरा मामला क्या है

आज से 6 साल पहले जब केंद्र में सोनिया गाँधी की सरकार थी तब, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर का एक सौदा हुआ था. यह हेलीकाप्टर वीवीआईपी लोगों के लिए ख़रीदे गये थे. जबकि दूसरी तरफ देश की जनता भूखी मर रही थी. इस सौदे में इटली की अदालत के फैसले की कॉपी सामने आने के बाद कांग्रेस पर गंभीर आरोप लग रहे हैं. 225 पन्नों के इस फैसले की कॉपी में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम का जिक्र है. फैसले में 2008 की एक चिट्ठी को भी दिखाया गया है, जिसमें सौदे के पीछे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को मुख्य आरोपी बताया गया है. ये चिट्ठी सौदा करा रहे, दलाल क्रिश्चन माइकल ने भारत में हेलिकॉप्टर कंपनी के सेल्स प्रमुख पीटर हुलेट को लिखी थी.

सोनिया गांधी का सच जनता के सामने आये

सबसे पहले आप जान लीजिये कि यह डील 3,600 करोड़ रुपए की थी.

इसमें 360 करोड़ रुपए की रिश्वतखोरी की बात सामने आई है. अर्थात 360 करोड़ रुपैय दिए गये थे ताकि काली कांग्रेस इस डील को सफ़ेद कर दे. इसके बाद सोनिया गांधी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड से वीवीआईपी के लिए 12 हेलिकॉप्टरों की खरीद की डील की थी. तभी यह मुद्दा इटली में उठने लगा था और डील रद्द कर दी गयी थी. लेकिन सभी लोगों को रिश्वत का मोटा पैसा मिल चुका था. जिस मीटिंग में हेलिकॉप्टरों की कीमत तय की गई थी, उसमें यूपीए सरकार के कुछ मंत्री भी मौजूद थे. मुख्य वजह यही है कि अब कांग्रेस पर भी सवाल उठ रहे हैं. इतनी बड़ी डील का सोनिया गांधी को पता नहीं होगा, ऐसा मुमकिन नहीं है.

अब देखना यह होगा कि वह इस डील के बाद कितनी बार देश के बाहर गयी हैं, इस धन को ठिकाने लगाने. या हो सकता है कि दामाद ने इस धन से भारत में ही जमीने खरीद ली हों. लेकिन जब इटली की अदालत इस मुद्दे पर सोनिया गाँधी का नाम ले रही है तो भारतीय अदालत भी अब शांत ना रहे. जल्द से जल्द इस केस की सुनवाई शुरू हो और कुछ ही माह में सच्चाई लाई जानी चाहिए.

अब कांग्रेस को लोकतंत्र की ताकत दिखाने का वक़्त आ गया है

साथ ही साथ अब वक़्त आ गया है कि कांग्रेस को लोकतंत्र की ताकत दिखाई जाए. जनता को नौकर समझकर, देश को सालों से लूट रही कांग्रेस का नामोनिशान जड़ से ख़त्म करने का वक़्त आ गया है. लेकिन जैसे भारत की जनता ने बोफोर्स और 2 जी कांग्रेस का घोटाला भुलाया है इसी तरह से इस घोटाले को भी भूला दिया जायेगा. देश की जनता का यही नकारापन, इन विदेशी नेताओं को बल दे रहा है. हर बार हम रोटी के चक्कर में शांत हो जाते हैं.

लेकिन इस बार वक़्त आ गया है कि गाँधी परिवार की लूट को सबके सामने पेश किया जाये.

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