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यूपी की एक ऐसी दुकान जो साल में खुलती है एक बार, फिर भी है इतनी फेमस

मालपुए

मालपुए – आजकल पूरे देश में बारिश का सीजन चल रहा है.

हर तरफ हरियाली और ठंडी हवाओं को देखकर अक्सर आपका मन कुछ गर्म खाने का करता होगा. लोग बारिश के मौसम अकसर चाय-पकौड़ें का आनंद लेना ही पसंद करते हैं.

लेकिन जब सावन में त्योहारों का मौसम आता है तो लोगों के मन में कुछ मीठा खाने की इच्छा होती है, इसलिये उनके जहन में पहला ख्याल आता है मालपुए का. वैसे भी मालपुए हर मौसम में लोगों की पसंदीदा स्वीट डिश है.

लेकिन आज हम आपको मालपुओं से जुड़ी हुई एक अनोखी बात बताने जा रहे हैं, जिसको सुनकर आपका मालपुओं के प्रति प्रेम और बढ़ जाएगा.

साल में एक बार खुलती है दुकान

अकसर आपने सुना होगा कि भारत में कई मंदिर ऐसे हैं, जो साल में एक बार ही खुलते हैं और भक्तों की अपार भीड़ लगी रहती है. दर्शन के लिये भक्त सालभर बेसब्री से इंतजार करते रहते हैं. ठीक वैसे ही उत्तर प्रदेश की एक दुकान है, जो साल में एक बार ही खुलती है और इस दुकान की खासियत है उसके बने मालपुए. जिसका स्वाद ऐसा है कि लोगों को अपनी तरफ खींच लाता है. तो चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं इस दुकान के बारे मे…

मालपुए

60 साल पुरानी है ये दुकान

दरअसल ये मालपुए की दुकान उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हैं जिसके खुलने का इंतजार स्थानीय लोगों को सालभर रहता है. ये दुकान शहर के केशवराय मंदिर के पीछे पिछले 60 साल से स्थित है. और यह दुकान बाजार में अपनी अच्छी खासी पैठ बनाए हुए है. इस दुकान के मालिक ओमप्रकाश पालीवाल हैं, जो अपनी मालपुए की दुकान को हर साल हरियाली अमावस्या को ही खोलते हैं. और उस दिन उनके दुकान के बाहर भीड़ देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों को उनकी दुकान के मालपुए कितने पसंद हैं. उनकी यह दुकान पिछली 4 पीढ़ियों से चलती आ रही है.

इस दुकान में मिलते हैं मालपुए

इस दुकान की खासियत यह है कि इसके मालपुए आज भी आपको वैसे ही स्वादिष्ट मिलेंगे जैसे पहले मिलते थे. दूसरी खासियत यह है कि मालपुओं को पलाश के पत्तों पर परोसा जाता है. साथ ही दुकान को बंद करने के लिये पुराने हाथों से बना ताला ही ओमप्रकाश आज भी लगाते हैं. उनका मानना है कि यह ताला आज भी वर्तमान के तालों से काफी गुना मजबूत है.

मालपुए

आज भी लगाते हैं हाथ से बना ताला

जब दुकान के मालिक से दुकान के साल में एक बार खुलने की वजह पूछी गई तो उन्होंने इसका जवाब देने से इंकार कर दिया.

मालपुए

चलिये कोई बात नहीं कम से कम आपको साल में एक बार इन स्वादिष्ट मालपुए का आनंद लेने को मिल ही जाता है.

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