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इस शिवलिंग के बारे जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे

दुर्लभ शिवलिंग

भारत की धरती चमत्कारों से भरी पड़ी है. यहां हर रोज कोई न कोई ऐसी घटना देखने सुनने को मिलती है जो हैरान करने वाली होती है.

ऐसी एक घटना छत्तीसगढ़ राज्य मे देखने को मिली है. यहां सिरपुर नामक स्थान पर खुदाई में एक ऐसा दुर्लभ शिवलिंग निकला है जिसको देखकर पुरातत्व विभाग भी आश्चर्य में पड़ गया है.

यहां पुरातत्व विभाग द्वारा खुदाई के दौरान एक शिवलिंग प्राप्त हुआ है जिसको न केवल लोगों में आस्था उमड़ रही है बल्कि पुरातत्व विशेषज्ञों के भी होश उड़ हुए हैं. छत्तीसगढ़ के सिरपुर में हुई खुदाई के दौरान निकले दुर्लभ शिवलिंग के बारे में बताया जाता है कि जब इसके नजदीक जाते हैं तो इसमें से तुलसी के पत्तों की खुशबू आती है.

इतना ही नहीं करीब 4 फिट लंगे इस दुर्लभ शिवलिंग में जनेऊ और असंख्य शिव-धारियां पहले भी मौजूद है. इसको देखकर पुरातत्व विज्ञानियों का अनुमान है कि ये करीब 2 हजार वर्ष पुराना है.

शिवलिंग को 2 हजार वर्ष पुराना मानने के पीछे तर्क यह है कि इस खुदाई में दुर्लभ शिवलिंग के साथ कुछ सिक्के, ताम्रपत्र, बर्तन, शिलालेख एवं प्रतिमाएं आदि भी मिले हैं. जिनका कार्बन डेटिंग टेस्ट करने पर पता चला कि ये सभी चीजें करीब 2 हजार साल पुरानी हैं.

इस दुर्लभ शिवलिंग का निर्माण उसी पत्थर से हुआ है जिससे देश के 12 ज्योतिर्लिंगों का निर्माण हुआ है.

पुरातात्विक साक्ष्यों और इतिहास के अध्ययन से विशेषज्ञ फिलहाल इस निष्कर्ष पहुंचे है कि कई हजार वर्ष पहले यहां जो विशाल मंदिर हुआ करता था, संभव है कि यह उसी मंदिर में प्रतिष्ठत रहा हो.

बताया जाता है कि इस स्थान पर पहली शताब्दी में सरभपुरिया राजाओं द्वारा मदिंरों का निर्माण कराया गया था.

गौरतलब है कि 12वीं सदी में चित्रोत्पला महानदी की बाढ़ से यह विशाल मंदिर पूरी तरह से खत्म हो गया और जो बचा वो धरती में ही दफन हो गया.

विगत कई वर्षों से हो रही खुदाई से पुरातत्व विभाग ने अब तक इस जगह से कई छोटे-बड़े शिवलिंग निकाले, लेकिन बाद में एक विशाल आकार का शिवलिंग निकला तो इसे देखकर सबके होश उड़ गये.

पुरातत्व जानकारों का मानना है कि यहां की मिट्टी में पुरानी सभ्यता का इतिहास छिपा है. हो सकता है कि आगे होने वाली खुदाई में कुछ और भी चौकाने वाली सामग्री देखने को मिलें.

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