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मिल गया शिव का कलयुग में निवास स्थान ! शिव की चमत्कारी गुफा का पूरा रहस्य

शिव का कलयुग में निवास स्थान

क्या आप भगवान शिव के दर्शन करना चाहते हैं?

क्या आप शिव से साक्षात् मिलकर अपने जन्म-मरण के क्रम को ख़त्म करना चाहते हैं?

अगर आप कलयुग में बाबा भोले से मिलना चाहते हैं तो आप अपना बैग तैयार कर लें. आज हम आपको बताने वाले हैं कि कलयुग में शिव भगवान का निवास स्थान कहाँ है?

अगर आप इसका जवाब कैलाश पर्वत सोच रहे हैं तो आप गलत हैं.

मिल गया शिव का कलयुग में निवास स्थान !

भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य में भगवान शिव से जुड़ी एक ऐसी अनोखी जगह हैं, जिसके बारे में कई मान्यताएं प्रचलित हैं. एक मान्यता यह बताती है कि इस गुफा में खुद भगवान शिव निवास करते हैं. दूसरी मान्यता यह है कि यह गुफा सीधे अमरनाथ निकलती है. तीसरी मान्यता के अनुसार इस गुफा में निश्चित दूरी के बाद जो भी गया है वह वापस नहीं आया है. तो इसलिए शिवखोड़ी नामक इस गुफा को रहस्मयी बोला जाता है. जम्मू से लगभग 140 कि.मी. दूर ऊधमपुर नामक जगह पर भगवान शिव की यह चमत्कारी गुफा स्थित है.

द्वापर युग में इस गुफा का वर्णन

द्वापर युग में भी शिवखोड़ी नामक इस गुफा का वर्णन आता है. बताया जाता है कि जो सिद्ध साधू अमरनाथ को जा रहे होते थे वह यहाँ से ही जाते थे. पहले यह साधू भगवान शिव के यहाँ पर दर्शन करते थे.

कहानियों के अनुसार यहाँ तब माता पार्वती भी शिव के साथ होती थी.

यहाँ है चमत्कारी पानी

यह बात बहुत ही कम लोग जानते हैं कि इस गुफा का पानी, एक बूंद भी अमृत के समान बताई गयी है. साधू संत गुफा के पानी से ही तंत्र-मन्त्र साधना की प्राप्ति कर लेते थे. कई साधू तो इसी जल को पीकर सालों तक जिन्दा रहे हैं. लेकिन आज इस बात को छुपा दिया गया है या फिर किसी ने गुफा के पानी का महत्व जानने की कोशिश ही नहीं की है. तो अब अगर आप कभी शिवखोड़ी जा रहे हैं तो यहाँ के चमत्कारी जल का उपयोग अपने सही लाभ के लिए जरूर करें.
 
गुफा का शिवलिंग स्वंभू

शिवखोड़ी गुफा का शिवलिंग खुद से प्रकट हुआ माना जाता है. देश से दूर-दूर से साधू संत इस शिवलिंग की पूजा करने आते हैं. हजारों सालों पहले जब साधू यहाँ से गुजरते थे तो उनके अनुसार कोई शिवलिंग यहाँ नहीं होता था. किन्तु एक बार अचानक से ही गुफा में शिवलिंग पाया गया जो पूरी तरह से प्राकृतिक दिखता है.

गुफा क्यों है रहस्मयी

इस गुफा का सबसे बड़ा रहस्य यह है कि यहाँ पर एक निश्चित दूरी तय करने के बाद अन्दर जाना मना है. काफी साल पहले कुछ लोगों ने इस बात को नहीं माना था. वह अमरनाथ इसी गुफा से जाना चाहते थे. वह गये तो लेकिन ना अमरनाथ पहुंचे और ना ही लौटकर वापस आये. तबसे गुफा में किसी ने आगे जाने की कोशिश नहीं की है.

कुछ साधू बताते हैं कि शिव द्वापर युग में सबको यहाँ दर्शन देते थे किन्तु कलयुग में उन्होंने सबको यहाँ पर आने से मना कर दिया है. साधू-संत जानते हैं इसलिए वह शिव की बात नहीं टालते हैं. किन्तु कुछ जिद्दी लोग अहंकार में नियम तोड़ते हैं तो इसकी सजा भी वह पाते हैं.

यह बात कितनी सत्य है यह कहना तो मुश्किल है.

बात कुछ भी हो लेकिन गुफा की रहस्मयी ताकत को आप यहाँ जाने के बाद महसूस कर सकते हैं. तो जम्मू कभी जायें तो शिवखोड़ी में शिव के दर्शन करना कभी ना भूलें.