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ऐसे लोगों के लिए बेहद शुभ होते हैं शनि देव

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या को लेकर लोग भयभीत रहते हैं और भविष्‍य पर पड़ने वाले इसके प्रभाव को लेकर उनके मन में हमेशा आंशका बनी रहती है लेकिन बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि दुनिया में कुछ व्‍यक्‍ति शनि देव से जीवनभर प्रभावित रहते हैं।

शनि से प्रभावित व्‍यक्‍ति दूसरे लोगों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण जीवन जीता है लेकिन जुझारू जीवन जीने के बावजूद ये समाज में विशिष्‍ट स्‍थान प्राप्‍त करते हैं। ज्‍योतिष शास्‍त्र के अनुसार ऐसे लोगों को शनि देव की कृपा प्राप्‍त होती है। जीवन में अत्‍यंत कठिनाइयों के बाद भी इन्‍हें सफलता मिल ही जाती है।

अब आप सोच रहे होंगें कि शनि देव के अशुभ और शुभ प्रभाव के बारे में कैसे पता लगाया जाए। तो चलिए जानते हैं शनि देव की कृपा प्राप्‍त व्‍यक्‍तियों के कुछ खास लक्षण और उनके भाग्‍योदय के बारे में। अगर आपमें भी ये लक्षण हैं तो इसका मतलब है कि आपके ऊपर शनि देव की कृपा है।

ऐसे लोगों को कम उम्र से ही हड्डियों की परेशनी रहती है। चलने में भी मुश्किल हो सकती है। पैरों में मोच आना या पैर या हाथ की हड्डी टूटना और कमर में दर्द आदि परेशानियों से ये ग्रस्‍त रहते हैं।

इन लोगों को परेशानी जितनी बड़ी होती है उतनी दिखती नहीं है। इसका मतलब है कि इनके साथ बहुत बुरा हो जाए तब भी इन्‍हें ज्‍यादा नुकसान नहीं उठाना पड़ता है। ये लोग किसी प्रकार की अंदरूनी चोट के शिकार होते हैं जो जीवनभर इन्‍हें परेशान करती है।

जिस व्‍यक्‍ति पर शनि देव की कृपा होती है वह कभी किसी की मदद से आगे नहीं बढ़ता है। इन्‍हें किसी की मदद लेना पसंद नहीं होता है। ये शून्‍य से शुरु करते हैं और अपने बल पर एक खास मुकाम हासिल करते हैं।

बाहर से तो ये लोग सामान्‍य दिखते हैं लेकिन अंदर से बिलकुल अकेले होते हैं। सच बात तो ये है कि शनि देव व्‍यक्‍ति को भ्रम की स्थिति से बाहर रखते हैं और इसलिए उसे रिश्‍तों की सच्‍चाईयां पता चल जाती हैं।

शनि देव को छल-कपट बिलकुल भी पसंद नहीं है इसलिए ये किसी के साथ कम ही मैत्री संबंध बना पाते हैं और अकेले ही रहते हैं। इनसे प्रभा‍वित व्‍यक्‍ति भी कुछ ऐसा ही होता है। ये लोग आत्‍मज्ञानी होते हैं और एकांतवास में रहना पसंद करते हैं।

ये खुद तो सही रास्‍ते पर चलते हैं बल्कि दूसरों को भी सही रास्‍ते पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। इन्‍हें समाजसेवी, सन्‍यासी और समाज सुधारक कहा जा सकता है। इन्‍हें खुद तो न्‍याय पसंद होता ही है साथ ही ये दूसरों को भी ऐसा करने की सलाह देते हैं। इस वजह से समाज में बहुत कम लोगों के साथ ये अपना रिश्‍ता बना पाते हैं।

शनि देव की कृपा प्राप्‍त व्‍यक्‍ति को 35 साल की उम्र के बाद कोई बड़ी सफलता मिलने की संभावना होती है। कर्मप्रधान होने के कारण इनकी सफलता में किसी और का योगदान नहीं होता है। ये जो भी करते हैं अपनी मेहनत से करते हैं। कई शनि प्रधान लोग वैराग्‍य की ओर भी आकर्षित रहते हैं।

अगर आपमें भी ये लक्षण हैं तो इसका मतलब है कि आपके ऊपर शनि देव की कृपा है। शनि देव की कृपा पाने के बाद भी जीवन कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है।