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25 साल बाद होगा यह महासंयोग, 3 जुलाई को चमकेगी किस्मत

महासंयोग

महासंयोग – ज्योतिष शास्त्र एक ऐसा शास्त्र है, जो हमारे भूत, वर्तमान से लेकर भविष्य तक के बारे में सबकुछ बताता है।

ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों का बहुत महत्व है। हम अपनी जन्मकुंडली में इन ग्रहों को देख सकते हैं। ये नौ जिन स्थानों पर होते हैं उनका बहुत महत्व होता है। ये ग्रह किसी एक स्थान पर नहीं रहते, अपनी दिशा बदलते हैं। जिसका प्रभाव सभी की जिंदगियों पर पड़ता है। यह प्रभाव कभी शुभ तो कभी अशुभ साबित होते हैं।

इन नौ ग्रहों के स्थान बदलने से कई तरह के संयोग बनते हैं। जिनमें से कुछ संयोग काफी महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे योग अमूमन कई-कई सालों में बनते हैं। ग्रहों की स्थिति बदलने का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग तरह से पड़ता है। जुलाई महीने में एक ऐसा ही संयोग बनने से कई राशियों का भाग्य चमकने वाला है।

कैसे बनेगा महासंयोग?

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ज्योतिषियों के अनुसार मंगल और शनि का बहुत शुभ मिलान होने वाला है। इससे मंगल और शनि भगवान साथ मिलकर कृपा बरसाएंगे। इस मिलन की बदौलत 25 वर्ष बाद इतना शुभ योग बन रहा है।

राशियों पर लाभ

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मंगल और शनि के इस पवित्र मिलान से 3 जुलाई का दिन भाग्योदय का दिन रहेगा। इस दिन धनवर्षा के योग सबसे अधिक बन रहे हैं।

इन्हें सबसे ज्यादा फायदा

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यह महासंयोग मेष, तुला व मीन राशि के लिए सबसे अधिक फलदायी रहेगा। इस राशि के जातकों को परिवारजन हर तरह से सहायता प्रदान करेंगे। इन्हें आश्चर्यजनक रूप से धन की प्राप्ति होगी। इनका रुका हुआ धन मिलने के भी आसार हैं।

इनके लिए भी अच्छा

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इन तीन राशियों के अलावा कन्या व वृश्चिक राशि वालों को भी खुशखबरी सुनने को मिलेगी। कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।

पवनपुत्र का आशीर्वाद

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3 जुलाई को बन रहे महासंयोग के अवसर पर हनुमान जी की पूजा करने से बहुत फायदा मिलेगा। भक्तजन किसी नजदीक के मंदिर में जाकर भगवान हनुमान के चरणों में दीया जलाएं। इसके बाद खासतौर से बूंदी के लड्डुओं का प्रसाद चढ़ाएं। इस भोग को छोटे बच्चों व गरीबों में दान करने से फल मिलेगा।

यह भी करें

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महासंयोग के अवसर पर फल पाने के लिए हनुमान जी की आराधना करने का एक और उपाय है। इसमें भक्तजन एक चोला लेकर उस पर चमेली के तेल व सिंदूर का मिश्रण लगाएं और इसे भगवान की प्रतिमा पर मलकर अच्छी तरह लेप लगाएं। इसका तिलक अपने मस्तक पर भी लगा लें।

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इस अवसर पर अगर आप निष्कपट मन से प्रभु का मनन करेंगे तो शनि भगवान की दशा, अंतरदशा, साढ़े साती व अढैया में दिक्कतें कम हो जाएंगी।

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