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मोदी के हाथ लगी है एक डायरी जिसमें छिपे हैं सोनिया और राहुल गांधी के ये राज

सीक्रेट डायरी

सरकार के हाथ एक ऐसी सीक्रेट डायरी लगी है जिसमें राजनीति से जुड़े कई दिग्गज नेताओं के काले कारनामों का जिक्र है.

इस सीक्रेट डायरी में 600 करोड़ की रकम विभिन्न लोगों को दिए जाने का जिक्र है. सबसे बड़ी बात ये है कि डायरी में जिन लोगों को रकम देने की बात कहीं गई है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भी नाम हैं.

डायरी में इन संदिग्ध नामों में एआईसीसी, एपी, एम वोरा, एसजी ऑफिस, आरजी ऑफिस और डीजीएस प्रमुख हैं. ये सभी नाम कोड वर्ड में हैं. जैसे एम वोरा यानी मोतीलाल वोहरा, एसजी ऑफिस मतलब सोनिया गांधी ऑफिस.

यहां एक ओर चौकाने वाली बात यह है कि सीक्रेट डायरी में दर्ज नाम अगुस्टा घोटाले और पूर्व सीबीआई डायरेक्टर के बीबीएम चैट में दर्ज नामों से मिलते-जुलते हैं.

सीक्रेट डायरी में एक एंट्री स्टील ब्रिज के तौर पर दर्ज है, जिससे 65 करोड़ रुपये मिलने की बात आई है. डायरी में एक एंट्री 7 करोड़ रुपये की है, जिसे बेंगलुरु नगर निगम चुनाव में मीडिया को देने की बात लिखी हुई है.

इसके बाद न केवल सोनिया गांधी व राहुल गांधी बल्कि कांग्रेस पार्टी की नींद उड़ गई है. कांग्रेेस को डर है कि कहीं इस सीक्रेट डायरी के लपेटे में गांधी परिवार फंस गया तो मामला खराब हो जाएगा.

जिस प्रकार उत्तर प्रदेश में इस वक्त चुनाव चल रहे हैं उस स्थिति में हो सकता है कि मतदाताओं में इसका गलत असर चला जाए.

वहीं इस मामले में यदि जांच के लिए गांधी परिवार को अदालत के चक्कर लगाने पड़े तो इससे गांधी परिवार की फजीहत तो हो ही जाएगी. साथ ही पूरी पार्टी का मनोबल जमीन पर आ जाएगा. क्योंकि नेशनल हेराल्ड का मामला अभी चल ही रहा है उसमें भी गांधी परिवार को कोई बड़ी कानूनी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है.

वही अगर इस मामला में भी एक बार कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई तो उसको पूरा होने में वक्त लगेगा और जब तक पार्टी इस झटके को झेल पाएगी इसकी उम्मीद कम ही है.

फिलहाल ये इस सीक्रेट डायरी के कुछ पन्नों की कापी मीडिया में घूम रहे हैं. ये सरकारी दस्तावेज और डायरी बाहर कैसे आई और इसको लेकर अभी कुछ पता नहीं है.

एक ओर कांग्रेस जहां इसकी सत्यता को लेकर सवाल उठा रही है वहीं इनकम टैक्स विभाग की फाइल में दो गवाहों के हस्ताक्षर भी हैं, जिन्होंने माना है कि डायरी कांग्रेस नेता के बेडरूम से बरामद की गई है.

बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले, इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों ने कर्नाटक में कई जगहों पर राजनेताओं के यहां छापे मारे थे.

इनकम टैक्स विभाग को खबर मिली थी कि कुछ लोगों ने अपने पास अथाह काला धन जमा कर रखा है. इसी को लेकर जब छापे डाले गए तो अधिकारी हैरान रह गए. छापे के दौरान जो डायरी मिली उसमें कुछ संदिग्ध एंट्रीज थीं. और ये डायरी जिस व्यक्ति के घर पर बरामद हुई कर्नाटक के कांग्रेस एमएलसी गोविंद राज का था. गोविंद राज बेहद प्रभावशाली नेता हैं. माना जाता है कि उनकी टॉप लीडर्स से नजदीकी है और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में भी उनकी आला स्तर पर काफी पकड़ है. वे पार्टी के लिए फंड जुटाने का भी काम करते हैं.

संदेह है कि विभिन्न सेवाओं के लिए इन लोगों को पैसे दिए गए. इसमें एक कॉलम में उन लोगों के नाम दर्ज हैं, जिन्होंने उन्हें पैसा दिया. दूसरे कॉलम में उन लोगों के नाम हैं, जिनको कांग्रेस नेता ने पैसे दिए.

इसी को लेकर इनकम टैक्स विभाग ने 11 फरवरी को गोविंद राज को सवाल-जवाब करने के लिए बुलाया था. उनसे डायरियों में दर्ज नामों के बारे में पूछताछ की गई. हालांकि, नेता ने दावा किया कि यह उनकी हैंडराइटिंग नहीं है और सिग्नेचर जाली हैं.

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