ह्यूमर

कही भूल तो नहीं गए संता बंता के हिट जोक्स ?

संता बंता के जोक्स – सुन संता बोल बंता की यह हास्य जोड़ी, कहीं-न-कहीं गुम हो रही है।

लोगों के बीच में संता-बंता के मजेदार चुटकुले पर अब ठहाकों के स्वर धीमे-धीमे कम हो रहे हैं। जहां दोनों की जोड़ी की चर्चा बच्चों के मैसेज बॉक्स से लेकर व्हाट्स एप्प तक फॉरवर्ड हुआ करती थीं। आजकल वह चुटकुले न फॉरवर्ड हुआ करते हैं व न ही रिसीव, लेकिन इस जोड़ी ने कई कॉमेडियन भारती सिंह जैसी हास्य कलाकार को कामयाब होने में काफी सहायता भी की थी।

कॉमेडियन की सहायता के बाद अगर फिल्मों में इनके जिक्र की बात कही जाए, फिर इनके नाम के साथ इन पर बनाए गये जोक्स भी काफी मिलेंगे।

यदि यूट्यूब चैनल व गूगल में संता-बंता पर केन्द्रित जोक्स की बात करें, फिर आज भी सर्च करने पर जोक्स मिल जाएंगे लेकिन उन जोक्स में वो रवानगी नहीं मिलेगी, जो किसी समय में इन पर आधारित जोक्स को पढ़ने व सुनने में मिलती थी।

इसका कारण इनका दौर यानी ट्रैंड खत्म हो रहा है लेकिन उस समय को याद कर क्या दोबारा संता-बंता के उन बेहद उम्दा जोक्स को नहीं पढ़ा जा सकता ?..

संता बंता के जोक्स

सुन संता बोल बंता..

संता अपने पिता बंता से – पापा आज मैं बस के पीछे दौड़ कर आया, जिससे मैंने तीन रूपये बचाएं।

बंता – अरे मुर्ख अगर ऑटो के पीछे दौड़ कर आते तो पुरे बारह रूपये बचा लेते।

यात्री वाला तांगे वाले से..

यात्री(तांगे वाले से) – भैया लाल किले के कितने पैसे लोगे।
तांगे वाला – माफ़ करना साहब, मैं लाल किला नहीं बेच सकता वह सरकारी सम्पति हैं।

नेताजी कहिन..

नेताजी भाषण देते हुए – हमें अपने पैरो पर खड़े होने की कोशिश करनी चाहिए।

भीड़ में से एक महिला – मैं तो बहुत देर से कोशिश कर रही हूँ पर ये पुलिस वाला बार बार बैठा देता हैं।

छात्र हो तो ऐसा..

अध्यापक छात्र से – तुमने मेरा दिमाग ख़राब कर दिया हैं, कल मैं तुम्हारें पिताजी से मिलूँगा।

छात्र – सर पिताजी से नहीं, चाचाजी से मिलियें, डॉक्टर तो वो हैं।

डॉक्टर और मरीज का किस्सा..

डॉक्टर राकेश से – अरे चिंता की कोई बात नहीं हैं बस तुम दिल खोल कर हंसा करों।

राकेश – डॉक्टर साहब, लोगो को मुह खोल कर हंसते हुए तो मैंने देखा हैं किन्तु किसी को दिल खोल कर हंसते हुए नहीं देखा।

मरीज – डॉक्टर , मुझे भूलने की बीमारी हैं

डॉक्टर – यह बीमारी कब से हैं?

मरीज – कौनसी बीमारी?

सुनिए भाईसाहब..

बिजलीवाला – भाईसाहब जरा इस तार को पकड़ना।

पांच सेकंड बाद, ठीक हैं छोड़ दीजिये।

सज्जन – क्यों भी क्या हुआ?

बिजलीवाला – कुछ नहीं, बस यह देखना था कि तार में करंट हैं या नहीं।

दो पागलों की बातचीत..

एक पागल – कल मैंने क़ुतुबमीनार को धक्का दिया लेकन वह हिला तक नहीं।

दूसरा पागल – हिलती कैसे? मैंने उसे पीछे से पकड़ रखा था।

ये है संता बंता के जोक्स – अंतत: संता ने बंता से पूछा यार हम पर जोक्स आना क्यों बंद हो रहे हैं बंता ने जवाब में संता को कहा ओ यार आजकल हम रेस्ट पर हैं। तो सुना संता बंता आजकल रेस्ट में है कुछ समय बाद वह दोबारा आपको लोटपोट करने के लिए हाजिर हो जाएंगे।

Taruna Negi

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Taruna Negi

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