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इस प्राचीन मंदिर में सिर्फ घर से भागे हुए प्रेमी जोड़ों को ही मिलती है शरण !

शंगचूल महादेव मंदिर

प्यार का जुनून अक्सर युवा प्रेमी जोड़ों के सिर चढ़कर बोलता है शायद इसलिए परिवार और दुनियावालों के विरोध के बावजूद वो अपने प्यार को अंजाम तक पहुंचाने के लिए घर से भाग जाते हैं.

लेकिन घर से भागनेवाले प्रेमी जोड़ों को सिर छुपाने के लिए ना तो कोई आसरा देता है और ना ही उनकी मदद करता है. लेकिन भारत में एक ऐसा प्राचीन मंदिर स्थित है जहां सिर्फ घर से भागे हुए प्रेमी जोड़ों को ही आसरा दिया जाता है.

शंगचूल महादेव मंदिर में मिलती है प्रेमियों को शरण

दरअसल हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित शांघड़ गांव में मौजूद महाभारत काल के शंगचूल महादेव मंदिर में घर से भागे हुए प्रेमी जोड़ों को शरण मिलती है.

कहा जाता है कि यहां आने के बाद प्रेमी जोड़े खुद को काफी सुरक्षित महसूस करते हैं. शंगचूल महादेव मंदिर का सीमा क्षेत्र में करीब 100 बीघा का मैदान है. जैसे ही इस सीमा में कोई प्रेमी जोड़ा पहुंचता है वैसे ही उसे देवता की शरण में आया हुआ मान लिया जाता है.

वो जब तक इस मंदिर की सीमा में रहते हैं तब तक उनके परिजन भी उनसे कुछ नहीं कह सकते. इतना ही नहीं जब तक उनके मामले को सुलझा नहीं लिया जाता तब तक मंदिर के पंडित प्रेमी जोड़ों की खातिरदारी करते हैं.

अपनी शरण में आए लोगों की रक्षा करते हैं महादेव

इस मंदिर को लेकर यह मान्यता है कि अज्ञातवास के समय पांडव यहां कुछ समय के लिए ठहरे थे और उनका पीछा करते हुए कौरव भी वहां पहुंच गए. तब शंगचूल महादेव ने कौरवों को रोका और कहा कि ये मेरा क्षेत्र है और जो भी मेरी शरण में आएगा उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.

महादेव के डर से कौरव वहां से वापस लौट गए. तब से लेकर अब तक जब भी समाज से ठुकराया हुआ या फिर कोई प्रेमी जोड़ा घर से भागकर महादेव की शरण में आता है तो स्वयं महादेव उनकी रक्षा करते हैं.

पांडव कालीन इस मंदिर के नियम है काफी सख्त

बताया जाता है कि साल 2015 में आधी रात के वक्त अचानक मंदिर में आग लग गई थी जिसकी चपेट में 20 मूर्तियां और 3 मकान भी आ गए थे.

द्वापरयुग में पांडवों के समय में बने इस शंगचूल महादेव मंदिर में आग लगने की इस घटना के बाद एक बार फिर से इसका निर्माण करवाया गया.

आपको बता दें कि इस मंदिर को लेकर काफी सख्त नियम बनाए गए हैं. इस गांव में पुलिस के आने पर भी प्रतिबंध है. इसके साथ ही यहां शराब, सिगरेट, हथियार और चमड़े का सामान लेकर आना मना है.

यहां ना तो कोई किसी प्रकार का झगड़ा कर सकता है और ना ही ऊंची आवाज में बात करने की इजाजत है. इस मंदिर में सिर्फ महादेव का ही फैसला मान्य होता है.

गौरतलब है कि जिन युवाओं को शंगचूल महादेव मंदिर की महिमा के बारे में जानकारी है वो अपने प्रेमी या प्रेमिका के साथ भागकर महादेव की शरण में जा पहुंचते हैं जहां स्वयं भगवान उनकी रक्षा करते हैं.

 

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