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यह बाज़ करता है नौकरी ! कबूतरों को डराना है इसका पेशा !

रुफ़स

इंसान अपनी मूलभूत ज़रूरतों को पूरा करने के लिए नौकरी करता है ये तो हर कोई जानता है.

लेकिन क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि एक बाज भी नौकरी करता है?

और उसके नाम का पहचान पत्र भी बनाया गया है. इतना ही नहीं यहां काम करनेवाले इस बाज के नाम फेसबुक अकाउंट भी है.

बाज़ की नौकरी करने वाली बात वाकई चौकाने वाली है, लेकिन यह हकीकत है.

विंबल्डन के मैदान में नौकरी करनेवाले इस बाज़ का नाम है रुफ़स. रुफ़स नाम का यह बाज़ इस मैदान में नौकरी करता है और इसका काम है यहां आनेवाले कबूतरों को डराकर मैदान से भगाना.

हैरिस प्रजाति का यह बाज़, यहां महज़ एक कर्मचारी नहीं है बल्कि वो विंबलडन परिवार का एक ख़ास  सदस्य भी है. पिछले कई सालों से विंबलडन के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

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रुफ़स की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां

– विंबलडन में कबूतरों की भरमार है. कई बार कबूतरों का झुंड मैच के दौरान कोर्ट में आ जाता है और गेम को प्रभावित करने लगते हैं. इतनी ही नहीं इससे खिलाड़ियों का ध्यान बंट जाता है. इसलिए ये पंछी पर विंबलडन मैचों के दौरान कोर्ट से कबूतरों को दूर रखने की जि़म्मेदारी है.

– विंबलडन के आयोजक ‘ऑल इंग्लैंड क्लब’ ने इस पंछी को कबूतरों को डराकर खेल के मैदान से दूर रखने और उन्हे घास खाने से रोकने के लिए बतौर कर्मचारी नियुक्त किया है.

– विंबलडन का मैदान 42 एकड़ में फैला हुआ है और रुफ़स के कंधों पर पूरे मैदान की रखवाली करने का ज़िम्मा सौंपा गया है.

– रुफ़स के शरीर पर एक खास तरह का रेडियो ट्रांसमीटर लगा है, जिससे हर वक्त उसकी लोकेशन का पता चलता है.

– रुफ़स का अपना ट्विटर और फेसबुक अकाउंट भी है और उसके पास फोटो पहचान पत्र भी है, जिसमें उसके काम की जगह पक्षियों को डरानेवाला लिखा है.

– रुफ़स की बदौलत पिछले कई सालों से खेल में किसी भी तरह का कोई व्यवधान नहीं आ रहा है और कबूतरों में  रुफ़स का खौफ इस कदर भरा हुआ है कि उसे देखते ही कबूतर मैदान से कोसों दूर भाग जाते हैं.

जाहिर है इस पंछी को कबूतरों को भगाने के लिए खास ट्रेनिंग दी गई है. यह एक पालतू बाज़ है और अपना काम निपटाने के बाद अपने मालिक के पास लौट आता है.

रुफ़स की अपने काम के प्रति मेहनत और ईमानदारी हम इंसानों को भी एक सीख देती है.

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