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रीटा टेम्पलटन: मैं चाहती हूँ कि मेरे बच्चे मुझे नग्न देखे

“मैं चाहती हूँ कि मेरे बच्चे मुझे नग्न देखे”

ये बात सुनने में ज़रूर अजीब लगे पर सच हैं कि रीटा टेम्पलटन नाम की एक महिला ने इसे अपने एक लेख में कही हैं. अपने चार बच्चों के साथ रहने वाली रीटा के अनुसार उन्होंने ये बात किसी मज़बूरी के चलते नहीं कही हैं, बल्कि ऐसी सोच के तहत बोली हैं जो काबिल-ए-तारीफ़ हैं.

रीटा का कहना हैं कि “उनके बच्चे अभी छोटे हैं इसलिए उन्हें इस बात की उम्मीद हैं कि उन्होंने कोई पोर्न साईट या को एडल्ट मैगज़ीन नहीं देखी होगी. इस बात को ध्यान में रख कर मैंने निर्णय लिया हैं कि मेरे बच्चे इन जगहों में जाने से पहले ये देख ले कि एक वास्तविक औरत का शरीर कैसा होता हैं”. रीटा का मानना हैं कि वो नहीं चाहती कि उनके बच्चों के दिमाग में औरतों को लेकर कोई गलत छाप पड़े. इस डिजिटल दुनिया में कुछ भी संभव हैं. ऐसी पोर्न साईट और एडल्ट मैगज़ीन में दिखाई जाने वाली औरते वास्तविक नहीं होती हैं. अपनी इस सोच को और ज्यादा स्पष्ट करते हुए रीटा कहती हैं कि, “मेरे बच्चे मेरा फैला हुआ पेट देख कर पूछे कि ये ऐसा क्यों हैं? और मैं उन्हें बता पाऊं कि एक माँ बनना कितना कठिन होता हैं”

रीटा आगे कहती हैं कि मेरे इस तरह के प्रयास से मुझे यकीन हैं कि वो मेरी इस कोशिश को एक समय के बाद  वो समझ जायेगें और एक दिन मुझे खुद कहेंगे कि माँ आप अपना शरीर ढक लिजियें और मेरे कमरे में आने से पहले नॉक करेंगे.

इन सब प्रयासों का ये असर होगा कि जब मेरे बच्चों की शादी होगी और उनकी पत्नी उनसे कहेगी कि मेरे पैर ज्यादा मोटे लग रहे हैं तो, वो उन्हें जवाब दे कि “वे जैसे भी हैं परफेक्ट हैं”.

रीटा की इस सोच के पीछे की वजह से एक बात जो समझ में आती हैं वो ये कि हम सभी अपने बाहरी स्वरूप को लेकर जितना सहज रहेंगे उतना ही अच्छा होगा. अक्सर हम सभी ऐसी बातों में उलझ जाते हैं जिनका खास महत्व नहीं होता, खास कर बात जब शरीर को लेकर हो. हम हमेशा अपनी बॉडी के अपियरंस और उनके लुक्स को लेकर उसी में उलझे होते हैं.

हम खुद के शरीर को लेकर असहज तो होते ही हैं साथ ही जब कोई दूसरा व्यक्ति हमारे साथ होता हैं उसके साथ भी असहज होते हैं. शरीर को लेकर इस तरह की हीन भावना कि हम सब के लिए घातक हैं.

रीटा के इस लेख के पीछे के मकसद को देखा जाये तो इस तरह की सोच अगर यहाँ आती है तो शायद यहाँ भी लोगों के बीच मौजूद असहजता चाहे वो खुद के शरीर को लेकर हो या दुसरे के शरीर को लेकर पूरी तरह मिट सकती हैं.

Sagar Shri Gupta

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Sagar Shri Gupta

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