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यह रिटायर्ड फौजी कर रहा है ऐसा काम जिसको हर भारतवासी को करना चाहिए सलाम

मेजर जनरल सोमनाथ झा

भारतीय सेना के रिटायर्ड मेजर जनरल सोमनाथ झा एक ऐसे मिशन पर निकल पड़े हैं जो शायद देशवासियों को ही नहीं बल्कि सेना को भी हैरान कर दे.

मेजर जनरल झा शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए जिस मिशन पर निकले हुए हैं जिसको सुनकर हर भारतवासी को न केवल गर्व होगा बल्कि लगेगा कि उसे भी अपने देश के लिए शहीद हो चुके जवानों के लिए ऐसा ही कुछ करना चाहिए.

झा करीब 21,000 शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि देना चाहते थे जिन्होंने इस देश के लिए बलिदान दिया. इसके लिए वे 42,000 मिनट समर्पित करने वाले हैं.

उनकी यह यात्रा सात महीनों में पूरी होगी.

मेजर जनरल सोमनाथ झा

59 साल के मेजर जनरल सोमनाथ झा की उम्र भी उनके जज्बे और जज्बात के आड़े नहीं आ रही है.

वह पूरे देश की यात्रा साइकल से करने वाले हैं. उनका कहना है कि  वह ऐसा करके देश के लिए अपना बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहते हैं.

इस यात्रा को लेकर जनरल झा का कहना है कि बहुत सारे सैनिकों ने हमारे लिए अपने जीवन का बलिदान दिया है. मैं रिटायर होने से पहले अपने अंतिम मिशन को पूरा करना चाहता हूं लेकिन इस बार यह मिशन देश के लिए नहीं बल्कि उनके लिए जिन्होंने देश को रहने लायक बनाया है.

मेजर जनरल सोमनाथ झा आर्मी से पिछले साल सितंबर में रिटायर हुए हैं. वे भारतीय सेना के 1947 के बाद से युद्धों में शहादत देने वाले जवानों के लिए वह सायकल टूर पर हैं. वह हर शहीद के लिए दो मिनट की राइडिंग करेंगे.

उन्होंने अपने इस अनूठे कार्य की शुरुआत 19 अक्टूबर से की थी और अब तक वह देश के 18 राज्यों तक पहुंच चुके हैं. जहां वे अब तक 10,000सैनिकों को अपनी अनोखी श्रद्धांजलि दे चुके हैं.

अब वे कर्नाटक में है जो उनकी यात्रा का 19वां राज्य है. वे साइकल से देश के 29 राज्यों का भ्रमण करेंगे.

मेजर जनरल सोमनाथ झा इन्फैन्ट्री का हिस्सा रहे हैं और उनके पास बहुत सारे ऐसे अनुभव हैं जिन्हें वह भुला नहीं पाते हैं. वह बताते हैं, इन्फैन्ट्री का हिस्सा रहते हुए मैंने अपने कई दोस्तों और करीबियों को अपनी आंखों के सामने शहीद होते हुए देखा है.

कई बार अपने कंधों पर घायल हुए साथियों को उठाया है और कई कठिन अनुभवों से गुजरा हूं. अपने मिलिट्री करियर को विराम देने से पहले मैं इस एक अंतिम मिशन को पूरा करना चाहता था.

रिटायर्ड मेजर जनरल सोमनाथ झा बताते हैं, मैं अकेला ही सायकल राइडिंग कर रहा हूं लेकिन मेरी मदद करने के लिए तीन लोगों की टीम है जिसमें दो लड़के हैं. मेरी पत्नी भी मुझे भरपूर सहयोग कर रही हैं.