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सिर्फ इन 2 वजहों से बढ़ रहे हैं शहरों में रेप के मामले

मुद्दा महिलाओं की सुरक्षा

आज देश में गरीबी से भी बड़ा मुद्दा महिलाओं की सुरक्षा का है। आए दिन खबरों में रेप के मामले ही छाए रहते हैं। कभी किसी जानकार ने लड़की का रेप कर दिया तो कभी सड़क चलते बलात्‍कार की घटनाएं होने लगी हैं।

बात यहां तक पहुंच गई है कि खुद बाप ही अपनी बेटियों के रेप करने लगे हैं। आज ही एक खबर सुनने में आई कि गुड़गांव में बीच सड़क पर एक लड़की से रेप किया गया। वहीं आंकड़ों की मानें तो दिल्‍ली शहर में एक दिन में तीन रेप होते हैं।

बलात्‍कार के बढ़ते मामलों के बीच हर कोई ये सोचने में व्‍यस्‍त है कि महिलाओं की सुरक्षा कैसे की जाए लेकिन कोई भी इसके कारण को जानकर उसे जड़ से खत्‍म करने की ओर ध्‍यान नहीं दे रहा है।

कई बार तर्क दिया जाता है कि लड़कियों के छोटे कपड़े पहनने या रात को देर तक बाहर रहने की वजह से रेप जैसी वारदातें होती हैं लेकिन कोई इन मूर्खों से ये पूछे ज़रा कि जो मासूम 4 साल तक की बच्च्यिों का रेप कर देते हैं उन्‍होंने कौन सी शॉर्ट ड्रेस पहनी होती है जो रेपिस्‍टों को उत्तेजित कर देती है। बात कपड़ों की नहीं बल्कि मानसिकता की है। जैसी सोच वैसे ही कर्म।

आज हम इसी विषय पर चर्चा करेंगें कि आखिर भारत के हर शहर में रेप की घटनाएं क्‍यों बढ़ रही हैं।

तो चलिए इस महत्‍वपूर्ण मुद्दा महिलाओं की सुरक्षा पर डालते हैं एक नज़र।

मुद्दा महिलाओं की सुरक्षा –

गांव से शहरों में पलायन

आपको रेप का ये कारण थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन इस बात को गौर से सुनने के बाद आपको भी यकीन हो जाएगा कि बढ़ते रेप का ये कारण बिलुकल सही है।

दरअसल, गांवों का रहन-सहन शहरों से बहुत अलग होता है। शहरों में लड़कियां ज्‍यादा खूबसूरत और फिट दिखती हैं जो शायद गांव के लड़कों ने कभी देखी भी नहीं होती। शहरों में आकर उनकी आंखे जैसे चुंधिया जाती हैं और रात हो या दिन किसी भी समय वो शहरों की लड़कियों को मौका पाते ही अपनी हवस का शिकार बना लेते हैं।

निर्भया केस पर ही नज़र डालें तो उसमें भी अधिकतर या सभी अपराधी छोटे गांवों और पिछड़े या गरीब राज्‍यों से ताल्‍लुक रखते हैं। मुंबई के महालक्ष्‍मी इलाके में हुआ गैंगरेप भी बेहद निचले तबके के लोगों ने किया था।

मानसिकता

इस बात में कोई शक नहीं है कि रेप का सबसे बड़ा कारण लोगों की छोटी मानसिकता है।

जी हां, अगर हर घर में लड़कों को औरतों की इज्‍जत करना और अच्‍छे संस्‍कार सिखाए जाएं तो शायद ही कोई भले घर का लड़का रेप जैसे कुकर्म को अंजाम दे। जिन बड़े घरों में रेप के मामलों में अमीरजादे पाए भी गए वहां पूरी तरह से उन्‍हें अपने घरवालों का कहीं न कहीं समर्थन जरूर मिला था। जी हां, ये बात गरीब और अमीर दोनों पर ही लागू होती है। अगर आप अपने बेटे, पति, भाई या अपने घर के अन्‍य किसी भी पुरुष सदस्‍य को महिलाओं का आदर करना सिखाएंगीं तो आप अपने जैसी कई लड़कियों की इज्‍जत कर पाने में सफल हो पाएंगीं।

मुद्दा महिलाओं की सुरक्षा – भारत को पुरुष प्रधान समाज कहा जाता है। अगर आप भी इस बात पर विश्‍वास करती हैं तो आपको ये बात भी समझ लेनी चाहिए कि ऐसे समाज में अपनी रक्षा के लिए आपको खुद आगे आना पड़ेगा।

कोई भी पुरुष आपकी मदद नहीं करेगा।

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