ENG | HINDI

कौन है राकेश अस्थाना जिसकी वजह से पूरी सीबीआई में उथल-पुथल मचा हुआ है?

राकेश अस्थाना

लालू यादव और आसाराम बापू जैसे दिग्गजो को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाले सीबीआई अफसर राकेश अस्थाना अब खुद फंस चुके हैं घूसकांड में.

अस्थाना पर आरोप है कि मीट कारोबारी मोईन कुरैशी को बचाने के लिए उन्होंने 3 करोड़ रुपए की रिश्वत ली. हालांकि अस्थाना ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर पलटवार करते हुए उन पर 2 करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाय है.

घूसकांड में फंसे अस्थाना बहुत तेजतर्रार अफसर माने जाते हैं, मगर विवादों से भी उनका हमेशा साथ जुड़ा रहा है.

12 साल की नौकरी में अस्थाना को सबसे ज़्यादा लोकप्रियता मिली चारा घोटाले से. उस वक्त के बिहार के मुख्यमंत्री लालू यादव का नाम इस घोटाले से जुड़ा था जिसकी वजह से कई अफसर इस केस को हाथ में लेने से डरते थे.  तब सीबीआई में एसपी रहे राकेश अस्थाना  ने इस केस को चुनौती के तौर पर लिया और 1996 में लालू यादव के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी.

मुख्यमंत्री होने पर भी लालू यादव से एक, दो नहीं छह-छह घंटे बैठाकर राकेश अस्थाना ने पूछताछ की. अस्थाना ने ही चारा घोटाले केस को अंजाम तक पहुंचाया.

अस्थाना पर नरेंद्र मोदी और अमित शाह से नजदीकी का भी आरोप लग चुका है.

2002 में हुए गोधरा दंगे की जांच के लिए गठित हुई स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम(एसआइटी) की कमान राकेश अस्थाना के हाथों में थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक एसआइटी ने कोर्ट में कहा था कि कारसेवकों से भरी ट्रेन को सोची-समझी रणनीति के तहत आग लगाई गई थी. गोधरा कांड की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में राकेश ने जांच की.

इस दौरान उन पर बीजेपी सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगे थे. इसके अलावा आसाराम बापू और उसके बेटे नारायण साई के केस को भी राकेश अस्थाना ने अंजाम तक पहुंचाया. आईपीएस राकेश अस्थाना अपने काम की वजह से जितना सुर्खियों में रहे हैं, उतना ही विवादों में भी घिरते रहे हैं. सबसे पहले राकेश अस्थाना विवादों में तब फंसे, जब 2011 में स्टर्लिंग बॉयोटेक कंपनी के यहां छापेमारी के दौरान सीबीआई को एक डायरी मिली थी, जिसमें कई हस्तियों के नाम और उनके सामने रकम का ब्यौरा था. जिसमें राकेश अस्थाना का नाम होने की बात कही गई और करीब तीन करोड़ रुपये जिक्र मिला था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस डायरी के आधार पर बाद में सीबीआई ने कंपनी के प्रमोटर्स के खिलाफ केस दायर किए थे, हालांकि आईपीएस राकेश अस्थाना का नाम एफआईआर में नहीं था.

उस वक्त तो अस्थाना बच गए, मगर इस बार आखिरकार वो फंस ही गए.

स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है. इसमें अस्थाना पर मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े केस में जांच के घेरे में चल रहे कारोबारी सतीश सना से रिश्वत लेने का आरोप है. राकेश अस्थाना इस केस की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी के प्रमुख हैं. राकेश अस्थाना के साथ कई अन्य के खिलाफ कथित रूप से मीट एक्सपोर्टर मोइन कुरैशी से घूस लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. हालांकि अस्थाना ने सरकार को पत्र लिखकर कहा कि सीबीआई और ईडी के कुछ अधिकारी उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं.

सच क्या है ये तो फिलहाल पता नहीं, लेकिन देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के बड़े अधिकारियों पर इस तरह के आरोप लगने सीबीआई की विश्वसनियता ज़रूर सवालों के घेरे में आ जाएगी.

Don't Miss! random posts ..