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क्या है आखिर राहुल गाँधी की गांधीगिरी का राज

राहुल की गांधीगिरी

राहुल की गांधीगिरी – राहुल का नाम आते ही लोगों के चेहरे पर अब अपने आप हंसी आ जाती है, हालाकि राहुल पर अभी कांग्रेस पार्टी का बड़ा भार है, लेकिन अब यह बात कहीं ना कहीं लोगों के जहन में साफ होती जा रही है कि राहुल इस पदभार को संभालेने में अभी सक्षम नहीं है।

बीते दिनों लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव के पक्षधारी और विपक्षधारी दोनों ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपना अपना मत लोकसभा में पेश किया। लेकिन इस दौरान कुछ ऐसा अजीबों गरीब हुआ, जो शायद आज से पहले कभी नहीं हुआ।

दरअसल राहुल गांधी को उनके पक्ष की बाते रखने के लिए जब लोकसभा में समय दिया गया, तो वह बीजेपी पर राजनैतिक वार करने की होड़ में यह भूल गए कि वह एक राष्ट्रीय पार्टी का बेहद अहम् पदभार सभांल रहे है। उन्होंने अपने दिए गए समय में कई ऐसी बातें बोली जिनके कई तर्क समझ के बिल्कुल परे थे। हालांकि कई ऐसी बातें भी बोली जो देश की आम जनता के मन की बात थी। जिस कारण जहां एक ओर लोगों ने राहुल को उनके कई तर्को के लिए सराहा, तो कई बातों के लिए उनपर संसद के अंदर व बाहर हंगामा किया।

राहुल की गांधीगिरी

गौरतलब है कि लोकसभा में अविश्र्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी पर जमकर वार किया। राफेल विमान डील समेत कई मुद्दों पर लगातार तीखें हमले करने के बाद एकाएक राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी की तरफ चल दिये। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री के पास पहुंच कर वह अचानक उनके गले लगने लगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल के इस सौहार्द पूर्ण बर्ताव ने संसद में सबकों चौका दिया। इस बात से ना सिर्फ विपक्ष के सदस्य बल्कि पक्ष भी चकित हो गया था।

राहुल की इस हरकत से चौक गए थे पीएम

राहुल की गांधीगिरी

राहुल के किए गए इस बर्ताव से प्रधानमंत्री मोदी भी चौक गए, लेकिन तभी खुद को संभालते हुए उन्होंने राहुल गांधी को फिर से बुलाया और उनसे हाथ मिलाकर उनकी पीठ थपथपाई।

राहुल की गांधीगिरी

राहुल का यह बर्ताव चंद सैकेंडों में ही अब पूरे सोशल मीडिया पर टॉप ट्रेंड बन गया था। साथ ही अपने इस बर्ताव के चलते राहुल खुद भी टॉप ट्रेंड बन गए। बात यही खत्म नहीं हुई, बल्कि इसके बाद राहुल गांधी का प्रधानमंत्री मोदी के गले लगाना राहुल की गांधीगिरी और कांग्रेस पार्टी के संस्कार के साथ जगह-जगह बैनर के तौर पर छाने लगा।  इसी के साथ अब तो इसे राजनैतिक पोस्टर जुम्ला बना दिया गया है, जिसमें लिखा है “नफरत से नहीं, प्यार से जीतेंगे”। अब इसे राहुल की गांधीगिरी कहे या कांग्रेस की गांधी गिरी… बात एक ही है।

अब मेल-मिलाप राजनीति के दरवाजें से धर्म के दरवाजे पर दस्तक दे चुका है। दरअसल आज राहुल की इस गांधी गिरी में एक और पौस्टर जुड़ गया है। इस बार राहुल और मोदी के गले लगने को धर्म से जोड़ा गया है, जिसमें लिखा है कि “ शिव भक्त पशुराम के जनेऊधारी वंशज पंडित राहुल गांधी को भारतीय कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनने पर हार्दिक बधाईयां”

राहुल की गांधीगिरी – अब दोनों पार्टियों की इस संसद झप्पी का फायदा कौन सी पार्टी को मिलता है ये तो आने वाले इलेक्शन 2019 के नतीजों के बाद ही पता चलेगा।

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