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जानें क्यों कपूर खानदान आर. के. स्टूडियो को बेचने को हुआ मजबूर !

आर. के. स्टूडियो

फिल्म इंडस्ट्री में एक जमाने में आर. के. स्टूडियो की अपनी एक अलग ही पहचान थी। बॉलीवुड की हर दूसरी फिल्म की शूटिंग यहां होती थी। मगर अब राज कपूर के 70 साल पुराने आर. के. स्टूडियो को बेचने की कवायद शुरू हो गई है। मुंबई के चेंबूर स्थित इस स्टूडियो का कपूर परिवार ने बेचने का पूरा मन बना लिया है। फिल्म इंडस्ट्री  फिल्म इंडस्ट्री में एक जमाने में आर. के. स्टूडियो की अपनी एक अलग ही पहचान थी।बॉलीवुड की हर दूसरी फिल्म की शूटिंग यहां होती थी। मगर अब राज कपूर के 70 साल पुराने आर. के. स्टूडियो को बेचने की कवायद शुरू हो गई है। मुंबई के चेंबूर स्थित इस स्टूडियो का कपूर परिवार ने बेचने का पूरा मन बना लिया है।फिल्म इंडस्ट्री  फिल्म इंडस्ट्री में एक जमाने में आर. के. स्टूडियो की अपनी एक अलग ही पहचान थी। बॉलीवुड की हर दूसरी फिल्म की शूटिंग यहां होती थी। मगर अब राज कपूर के 70 साल पुराने आर. के. स्टूडियो को बेचने की कवायद शुरू हो गई है। मुंबई के चेंबूर स्थित इस स्टूडियो का कपूर परिवार ने बेचने का पूरा मन बना लिया है।

दरअसल, पिछले काफी समय से इस स्टूडियो में बहुत कम काम हो रहा था। इतनी लागत के बाद भी इस स्टूडियो को ज्यादा लोग शूटिंग के लिए किराए पर नहीं ले रहे थे। यह स्टूडियो ज्यादा मुनाफे में नहीं चल रहा था। इसलिए कपूर परिवार ने मिलकर इसे बेचने का फैसला लिया। यह स्टूडियो दो एकड़ जमीन पर बनाया गया है और राज कपूर ने यहां अपनी अधिकतर फिल्मों की शूटिंग की है।

आर. के. स्टूडियो के ना चलने का एक कारण यह भी है कि यह मुंबई के उस इलाके में स्थित है, जहां पर शूटिंग कम होती है। अधिकतर शूटिंग वेस्टर्न लाइन के फिल्म सिटी से लेकर अन्य जगह पर होती है। आर. के. स्टूडियो हर्बल लाइन में मौजूद है, जिसके कारण लोग इतनी दूर शूटिंग के लिए सफर नहीं करना चाहते हैं। कपूर परिवार इस प्रॉपर्टी को भेजने के लिए कॉर्पोरेट के संपर्क में है और उनसे जल्द से जल्द बेचने की तैयारी कर रहा है।

गौरलतब है कि पिछले साल आर. के. स्टूडियो में आग लग गई थी, जिसके कारण बहुत नुकसान पहुंचा था। आर. के. स्टूडियो को बेचने का फैसला कपूर परिवार के लिए आसान भी नहीं था। मुंबई मिरर की एक रिपोर्ट के अनुसार ऋषि कपूर ने कहा हमने अपने दिलों पर पत्थर रखे हुए हैं, इसे बेचने हमारे लिए आसान नहीं है।

आपको बता दें आर. के. स्टूडियो बॉलीवुड के शो मैन के नाम से मशहूर राज कपूर ने शुरू किया था। इसलिए उन्हीं के नाम पर इस स्टूडियो का नाम रखा गया था। आजादी के 1 साल बाद यानी साल 1948 में इस स्टूडियो की सबसे पहली ‘आग’ का निर्माण किया था। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई थी, लेकिन इसके बाद आर. के. स्टूडियो में साल 1949 में ‘बरसात’ फिल्म का निर्माण किया गया और इस फिल्म ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। इसके बाद लगातार एक के बाद एक फिल्में आर. के. स्टूडियो में बनती चली गईं और यह सिलसिला काफी सालों तक जारी रहा।

आर. के. स्टूडियो में बनी कई फिल्मों को बेस्ट फिल्म के अवॉर्ड से भी नवाजा गया। इसमें ‘जिस देश में गंगा बहती है’ फिल्म की प्रमुख थी। इसके बाद साल 1964 में ‘राम तेरी गंगा मैली हो गई’ फिल्म आर. के. स्टूडियो में बनी। राज कपूर के निर्देशन में बनने वाली है यह फिल्म साल 1985 में रिलीज हुई थी। इसके अलावा ‘प्रेम रोग’ यह फिल्म भी आर. के. स्टूडियो में ही रिलीज हुई थी। यह एक रोमांटिक स्टोरी थी, इसका निर्देशन भी राज कपूर ने ही किया था, जो कि साल 1982 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में शम्मी कपूर ऋषि कपूर पद्मिनी कोल्हापुरी अहम भूमिका में नजर आए थे।

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