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शादी में पंजाबी लड़कियां चूड़ा क्यों पहनती हैं?

चूड़ा

चूड़ा – शादी में आजकल लड़कियां बेहद सुंदर दिखने के लिए बॉलीवुड अभिनेत्रियों को कॉपी करती हैं.

उन्हें लगता है कि अपनी शादी में उनसे बेहतर कोई और नहीं लगना चाहिए. इसके लिए डिज़ाइनर लहंगे से लेकर ज्वेलरी तक सब कुछ अलग होता है.

अगर कोई एक चीज़ नहीं बदलती तो वो है चूड़ा. जी हाँ आज भी लड़कियां अपनी शादी में चूड़ा ज़रूर पहनती है.

मजेदार बात तो ये है कि ये चूड़ा अब सिर्फ पंजाबी ही नहीं बल्कि बाकी धर्म की लड़कियां भी पहनती हैं.

आखिर ये चूड़ा पहना ही क्यों जाता है ? क्या कभी अपने इसके बारे में सोचा? पंजाबियों में शादी के दिन होने वाली दुल्हन के घर पर चूड़ा और कलीरा नामक सेरेमनी भी होती है. दुल्हन के मामा, उसके लिये चूड़ा लेकर आते हैं, जिसमें लाल और सफेद रंगों की चूडियां होती हैं.

पंजाबियों में इसके बिना शादी मुमकिन ही नहीं है. ये बहुत ही ज़रूरी होता है. पंजाबी रिवाज के हिसाब से दुल्हन को लगभग 1 साल तक चूड़ा पहनना होता है. हांलाकि आज कल दुल्हनें ज्यादा से ज्यादा 40 दिनों तक ही इसे पहनती हैं। चूड़ा, शादी शुदा होने का प्रतीक है.

सिर्फ इतना ही नहीं इस चूड़े का महत्व और भी है. असल में ये बहुत मायने रखता है पंजाबियों के लिए. यह प्रजनन और समृद्धि का संकेत भी होता है. यह पति की भलाई के लिए भी पहना जाता है. ऐसी मान्यता है कि अगर पूरे एक साल तक लड़की इसे पहनकर रखे तो लड़के की उम्र लंबी होती है.

शादी में चूड़े लड़की की ससुराल से नहीं बल्कि लड़की के मामा लेकर आते हैं.

ये सिर्फ वही ला सकते हैं. जब लड़की का मामा उसे ये चूड़ा देता है तो दुल्हन की आंखें उसकी मां बंद कर देती हैं, जिससे वह चूड़े को ना देख पाएं नहीं तो खुद उसी की नजर उस चूड़े पर लग जाएगी. दिल को छू लेने वाली बात है ये.

कैसे मामा अपनी भांजी को चूड़े गिफ्ट करके उसके सर की बालाएं लेता है.

शादी से पहले कुछ इस तरह से चूड़े को रखा जाता है. इसे बेहद खास माना जाता है इसलिए इसका रख-रखाव भी बहुत ही बेहतर तरीके से होता है. चूड़े को शादी की एक रात पहले दूध में भिगोकर रखा जाता है. चूड़ा उतारने की रस्म पहले के जमाने में जब चूड़ा उतारना होता था तब घर पर छोटा सा आयोजन किया जाता था. उसमें दुल्हन को शगुन और मिठाई दी जाती थी और फिर चूड़ा उतारकर उसकी जगह पर कांच की चूडियां पहना दी जाती थीं. बिना इस रस्म के दुल्हन चूड़े नहीं उतार सकती. उसे अशुभ माना जाता है.

कोई भी दुल्हन ऐसे ही चूड़े नहीं उतार सकती. उसके लिए उसे पास में किसी नदी के पास ले जाया जाता है. चूड़े को किसी नदी के पास उतारा जाता था और छोटी सी पूजा के बाद नदी में ही उसे बहा दिया जाता था. ये सब मान्यताएं हैं. अगर आप भी अपनी शादी में चूड़े को पहनना चाहती हैं तो ये सारी चीज़ें ज़रूर करें.

किसी भी चीज़ को अपनाएं तो पूरी तरह से. उसमें कोई कमी न रखें. इस लेख को अपनी सहेलियों के साथ ज़रूर शेयर करें.

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