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पुलिस इजराइल के प्रधानमंत्री से क्यों करना चाहती है पूछताछ !

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू

सुनने में थोड़ा अटपटा लग सकता है कि लेकिन ये सच है.

इजराइल की पुलिस अपने ही देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से पूछताछ करना चाहती है.

इसके लिए पुलिस ने अटार्नी जनरल से मंजूरी भी ले ली है.

अब आप सोच रहे होंगे कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऐसा कौन सा अपराध कर दिया जो पुलिस उनसे पूछताछ करना चाहती है. दरअसल, प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर लोक सेवा के दायित्व का उल्लंघन का आरोप लगा है. इजराइल पुलिस को संदेह है कि बेंजामिन नेतन्याहू ने कारोबारियों से कुछ उपहार लिए है. वे किसलिए और क्यों लिए हैं पुलिस यह पता लगाना चाहती है.

खबर है कि कारोबारियों से उपहार लेने के संदेह में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से पुलिस शुरूआती पूछताछ कर चुकी है.

लेकिन पुलिस उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं. साथ ही पुलिस ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आरंभिक जांच में आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के पर्याप्त सुबूत मिलने के का दावा करते हुए अटार्नी जनरल एविचाई मैनडेलब्लिट ने पूछताछ की मंजूरी मांगी थी जो उसे मिल गई है.

इजरायली मीडिया के मुताबिक, 2 जनवरी को नेतन्याहू से पुलिस ने उनके आवास पर जाकर कई घंटे पूछताछ की. लेकिन पुलिस प्रधानमंत्री के जवाब में कुछ विरोधाभास नजर आया है इसके लिए वह इस मामले में आगे पूछताछ करना चाहती है. पुलिस को संदेह है कि नेतन्याहू द्वारा इजरायली और विदेशी कारोबारियों से करोड़ों शेकेल (इजरायली मुद्रा) के उपहार लिए गए हैं.

यहां यह महत्वपूर्ण है कि इजराइल के विपरीत भारत में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी पर सरकार में रहते भ्रष्टाचार के आरोपों में आज भी जांच चल रही है लेकिन देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआइ आजतक उनसे एक बार भी पूछताछ नहीं कर पाई है.

जबकि इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से संदेह के आरोप में पुलिस पूछताछ करने जा रही है.

इससे पता चलता है कि इजराइल का लोहा दुनिया क्यों मानती है. जो देश संदेह होने के आरोप में अपने प्रधानमंत्री तक को कठघरे में लेकर पूछताछ कर सकता है वह दर्शाता है कि उसके लिए पद और व्यक्ति से भी महत्वपूर्ण देश है.

जबकि भारत में व्यक्ति और पद को तो छोड़िए, यहां तों आज भी नेताओं को ऐसे समझा जाता है कि वे कानूनों से परे हैं. देश के कानून उनके लिए जैसे बने ही नहीं हैं. वहीं एक इजराइल है जो मात्र शक के आधार पर ही अपने देश के प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति से पूछताछ कर रहा है.

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