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अगर आपके जीवन में कुछ भी सही नहीं चल रहा है तो इन ग्रहों की नाराजगी हो सकती है वजह !

ग्रहों की नाराजगी – कई बार हम जिन चीजों की कल्पना भी नहीं करते हैं वैसी घटनाएं हमारे साथ होने लगती हैं. काफी कोशिशों के बावजूद ना तो हम उन घटनाओं को रोक पाते हैं और ना ही उनपर हमारा कोई बस चलता है.

अगर हमें इन घटनाओं के पीछे का कारण पता चल जाए तो क्या तब भी हम हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेंगे, जी नहीं, हम इसका समाधान ढूंढने की कोशिश करेंगे.

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन ग्रहों की नाराजगी की वजह से आपके जीवन में किस तरह की समस्याएं आ सकती हैं.

ग्रहों की नाराजगी –

1- सूर्य

अगर आपको सरकारी नौकरी या फिर किसी सरकारी काम में अड़चन आ रही है. इसके अलावा सिरदर्द, आंखों की समस्या, दिल की बीमारी, चर्म रोग और पिता से अनबन होने लगे तो ये समस्याएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि ग्रहों के राजा सूर्य देव आपसे नाराज हो गए हैं. इसलिए इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आपको सूर्य देव को मनाने के उपाय जल्द ही शुरू कर देने चाहिए.

2- चंद्र

अगर कोई व्यक्ति मानसिक परेशानी, अनिद्रा, अस्थमा, कफ, सर्दी-जुकाम, मूत्र रोग और निमोनिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने लगे तो ये मुमकिन है कि चंद्र देव उससे कुपित हो गए हों. इन समस्याओं के दुष्प्रभाव से बचने के लिए चंद्र देव को मनाने का उपाय शुरू कर देना चाहिए.

3- मंगल

जब ग्रहों के सेनापति मंगल ग्रह किसी इंसान से नाराज हो जाते हैं तो उसे ज्यादा गुस्सा आने लगता है. दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. इसके अलावा रक्त विकार, बवासीर, भाईयों से अनबन जैसी परेशानियां मंगल की नाराजगी की वजह से हो सकती हैं. इसलिए मंगल को शांत करने के लिए आपको उपाय करना चाहिए.

4- बुध

अगर आपको गले, नाक और कान के रोग सताने लगे, आपकी याददाश्त कमजोर पड़ने लगे और व्यवसाय में नुकसान के साथ ही मामा से अनबन हो जाए तो ये संकेत है कि ग्रहों के राजकुमार बुध आपसे खफा हो गए हैं. बुध ग्रह की शांति के उपायों से ही आपको इन परेशानियों से राहत मिल सकती है.

5- गुरु

आय में कमी और धन का लगातार खर्च होना, शादी-ब्याह में बेवजह देरी, संतान में देरी, गठिया और कब्ज जैसी समस्या के साथ ही अगर आपका गुरु और देवताओं से विश्वास उठने लगे तो हो सकता है कि देव गुरु बृहस्पति आपसे रुष्ट हो गए हैं. इसलिए आपको देव गुरु को मनाने और उन्हें शांत करने का उपाय शुरू कर देना चाहिए.

6- शुक्र

पार्टनर के सुख में कमी, प्यार के मामले में असफलता, भौतिक सुख-साधनों में कमी, नपुंसकता, डायबिटीज और मूत्र रोग जैसी समस्याएं होने लगे तो ये मान लीजिए कि दैत्य गुरु शुक्र की आप पर बुरी नजर है. शुक्र ग्रह की अनुकूलता और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए आपको उनकी शांति के उपाय करने होंगे.

7- शनि

अगर कोई व्यक्ति वायु विकार, लकवा, कैंसर, कुष्ठ रोग, मिर्गी और पैरों में दर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित है और इसके साथ ही अगर उसे नौकरी में किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो समझ लीजिए कि कर्मफल दाता शनि आपसे खुश नहीं है. लेकिन शनिदेव को मनाकर आप अपनी इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं.

8- राहु

अगर त्वचा रोग, कुष्ठ रोग, मस्तिष्क रोग, भूत प्रेत बाधा जैसी समस्याएं आपको आए दिन परेशान करने लगे तो समझ लीजिए कि राहु आपके पीछे पड़ा हुआ है. ऐसे में इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आपको राहु ग्रह को शांत करने की कोशिश करनी चाहिए.

9- केतु

अगर किसी व्यक्ति को अपने नाना से किसी तरह की परेशानी हो रही है, या फिर वो भूत-प्रेत, जादू-टोने की परेशानी, रक्त विकार, चेचक जैसी समस्याएं होने लगे तो समझिए कि आपको केतु ने परेशान कर रखा है. ऐसे में केतु ग्रह की शांति के लिए आपको उपाय शुरू कर देना चाहिए.

इस तरह से इन ग्रहों की नाराजगी जीवन में तकलीफदेह हो सकती है – अगर वाकई में आपके साथ इस तरह की कोई समस्या है तो फिर ज्योतिष शास्त्र के किसी जानकार की सलाह लेकर उन उपायों को करना ही बेहतर होगा.

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