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भीख न देने पर अब मारपिट पर उतर आये हैं भिखारी.

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कहते हैं दान और दया हमें देने वाले के हिसाब से लेनी पड़ती हैं, उसी तरह सड़क और मंदिर के पास भीख मांगने वाले भिखारियों के साथ भी होता हैं.

लेकिन आप क्या कहेंगे जब भिखारी को आप भीख देने से मना कर दे और बदले में वही भिखारी आप के साथ भीख न देने की वजह आप से मारपीट करने लगे?

वो दिन अब हवा हुए जब भिखारी हमसे मदद लेकर हमें दुआ देते थे और अगर कुछ न भी दिया फिर भी बदुआ तो नहीं देते थे, पर मुंबई के खार इलाके में एक ऐसी ही अजीबोगरीब घटना सामने आई जिसे सुनकर आप लोगों की मद्द खासकर ग़रीबों और ज़रूरतमंदों की सहायता करने से पहले एक बार सोचने ज़रूर लगेंगे.

दरअसल मुंबई के उपनगरीय इलाक़े खार लिंकरोड में कुछ दिन पहले एक ऐसी घटना हुई, जिसमे सड़क के किनारे बैठने वाले तीन भिखारियों ने मिलकर एक ऑटो चालक के साथ बुरी तरह से मारपिट किया और जब लात घूंसे से भी उनका मन नहीं भरा तो तीनो ने मिलकर उस रिक्शाचालक की लोहे की रॉड से भी पिटाई कर दिया.

खाए पुलिस के अनुसार 26 वर्षीय जितेन्द्र यादव नाम का रिक्शा चालक सांताक्रुज़ वेस्ट के शास्त्रीनगर का रहने वाला हैं. कुछ दिन पहले खार वेस्ट स्थित सिटी सेण्टर के पास सिग्नल बंद होने की वजह से उसे अपना रिक्शा वही करीब लगाना  पड़ा था. रिक्शा खड़ा करने के बाद कुछ देर बाद सिग्नल के आसपास बैठे भिखारियों के बच्चे उसके पास आकर भीख मांगने लगे. जीतेन्द्र उन बच्चों को जब भीख देने से इनकार किया तब उन बच्चों में से एक ने उसे गाली देनी शुरू कर दी. जीतेंद्र ने जब इस बात का विरोध किया तो सिगनल के पास बैठे बाकि भिखारी रिक्शे के पास आकर उससे मारपिट करने लगे. मामला इतना बढ़ गया कि वह बैठे भिखारियों ने लोहे की रॉड से रिक्शे वाले की पिटाई करने लगे.

जीतेंद्र अपनी जान बचा कर वहां से किसी तरह भाग निकला और अपने मित्र मुकेश शाह और धर्मेन्द्र जायसवाल के साथ दुबारा उस सिग्नल पर पंहुचा तो वहां मौजूद भिखारियों की टोली ने उन पर फिर से पेवर ब्लॉक, डंडे और रॉड से हमला कर दिया.

इस सब मारपीट के बीच घटनास्थल के पास मौजूद किसी व्यक्ति ने पुलिस कण्ट्रोल रूम में फ़ोन कर के पुरे हादसे की जानकारी दे कर उन्हें बुलाया. कुछ ही देर में पुलिस के वहाँ आते ही सभी भिखारी वहां से भागने लगे तभी पुलिस ने गुलज़ारा नाम के एक भिखारी को गिरफ्तार कर लिया लेकिन उसके बाकि साथ जगह से भाग चुके थे. गुलज़ारा की मदद से पुलिस ने घटना में शामिल बाकि दो भिखारियों को भी पकड़ लिया लेकिन उन मे से चौथे भिखारी की तलाश पुलिस को अब भी हैं.

अब आप बतायिएँ मुंबई में हुई इस घटना के बाद  आप भी भिखारियों को जिस मदद की नज़र से देखते हैं, क्या वैसे ही फिर देख पाएंगे?

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