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एक साधु की कंपनी में कैसी होती है कर्मचारियों की जिंदगी

पतंजली आयुर्वेद लिमिटेड

पतंजली आयुर्वेद लिमिटेड – हाल ही में योग गुरु बाबा रामदेव की नई कम्पनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने भारत की सभी बड़ी कम्पनियों को पीछे छोड़ दिया है।

केवल एक साल में ही टाटा, नेस्ले और आईटीसी जैसी कम्पनियों के लिए पतंजलि बहुत बड़ा प्रतिस्‍पर्धी बनकर उभरा है। इस कम्पनी ने अपना राज्सव दोगुना करने का दावा किया था जोकि इसने कर भी दिखाया। इस देशी कंपनी की कमाई एक साल के अंदर 10 हजार करोड़ तक पहुंच गई है। देश में कमाई में दूसरे अंक पर आने वाली कम्पनी बन गई ह पतंजली आयुर्वेद लिमिटेड।

पतंजली आयुर्वेद लिमिटेड

1 – काम करने का तरीका है अलग

बड़ी-बड़ी एफएमसीजी कम्पनियों में बढिया फूड पार्क होता है, बड़े से क्षेत्रफल में इनका साम्राज्‍य फैला होता है लेकिन पतंजलि बाकी बिजनेस हाउस से काफी अलग है। यहां का काम करने का तरीका भी बाकी कम्पनियों से बेहद अलग है।

2 – पायलागू की परंपरा

पतंजलि में एक अजब ही परंपरा है कि जब भी बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण कैम्पस में आते हैं तो सभी कर्मचारी अपना काम छोड़ कर उनके पैर छूने पहुंच जाते हैं। आपको बता दे कि आचार्य बालकृष्ण के पास कम्पनी के 96 पर्सेंट शेयर हैं।

3 – आधुनिक गुरुकुल है खास

पतंजलि के कैम्पस में गुरु-शिष्य परंपरा भी चली आ रही है जिसके अनुसार बाबा रामदेव एक ऊंची सीट पर बैठते हैं और सीईओ से लेकर कम्पनी के सभी कर्मचारी जमीन पर बैठते हैं।

4 – रामदेव ही लेते हैं

कम्पनी को किस तरह के प्रॉडक्ट पर काम करना चाहिए इसका फैसला खुद रामदेव ही करते हैं। इन फैसलों के लिए रामदेव किसी भी तरह से आधुनिक डाटा पर निर्भर नहीं रहते बल्कि अपने खुद के आंकलन और विश्‍लेषण के आधार पर वो फैसले लेते हैं। सभी प्रॉडक्ट को फाईनल करने से पहले रामदेव स्वयं उन्‍हें खुद पर इस्तेमाल करते हैं और उसके बाद ही उन प्रॉडक्ट पर मुहर लगती है।

पतंजली आयुर्वेद लिमिटेड की इन खूबियों के चलते ही आज दुनियाभर में पतं‍जलि एक कामयाब ब्रांड बन चुका है। विदेशी और देशी कंपनियों पर भारी पड़ रहे पंतजलि का आज पूरी दुनिया में डंका बज रहा है।

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