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पाकिस्तानी की इस सबमरीन को डुबोने के लिए 18 दिन समुंद्र में रहे थे नौसैनिक !

पाकिस्तान की सबमरीन

बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि 1971 की वार में पाकिस्तान की सबमरीन भारत की सीमा के बहुत नजदीक आ गई थी.

इससे पहले की वह भारत पर हमला कर पाती भारतीय नौसेना ने उस पर हमला कर उसे डुबो दिया. यदि उस समय भारतीय नौसेना सर्तक न होती तो भारत को बहुत नुकसान उठाना पड़ता.

क्योंकि पाकिस्तान की सबमरीन गाजी पूर्वी पाकिस्तान यानी वर्तमान बांग्लादेश में बंगाल की खाड़ी से चलकर धीरे धीरे भारत के बदंरगाह शहर विशाखापत्तनम के करीब पहुंच गई थी. लेकिन आइएनएस राजपूत की नजर उस पड़ गई. उसने पलक झपकते ही गाजी को पानी में मिला दिया.

आज भी गाजी का मलबा समुंद्र में ही पड़ा है. गौरतलब है कि गाजी को पाकिस्तान ने अमेरिका से लीज पर लिया था.

आपको बता दें कि गाजी को डुबाने के लिए आइएनएस राजपूत पर पर तैनात भारतीय नौसेना के जवान करीब 18 दिन तक समुंद्र के भीतर रहकर इसकी टोह लेते रहे.

जैसे ही उन्हें पता चला कि पाकिस्तान की गाजी सबमरीन भारत के हमला करने के लिए पानी के अंदर ही अंदर पर हमला करने के लिए बढ़ रही है तो इससे पहले वह कुछ कर पाती आइएनएस राजपूत ने उसको तबाह कर दिया.

आपको पता होना चाहिए कि अमेरिका को अपने इस सबमरीन बहुत गर्व था और पाकिस्तान भी इसको लेकर अति उत्साह में था.

लेकिन भारत द्वारा इसे तबाह करने की खबर पर पाकिस्तान के साथ अमेरिका में भी भारतीय नौसेना का लोहा मान लिया.

भारतीय नौसेना की इस बहादुरी भरे कारनामे को अब आप पर्दें पर भी देख सकेंगे. जब बालीवुड को भारतीय नौसेना की इस बहादुरी के बारे में पता चला तो उसने इसको लेकर फिल्म बनाई है. इस फिल्म में समंदर के नीचे लड़ी गई लड़ाई को पर्दे दिखाया गया है.

द गाजी अटैक की कहानी 1971 के उन जवानों की देशभक्ति की है, जो पाकिस्तान की गाजी सबमरीन को भारत में विक्रांत को डुबोने से रोकते हैं और विशाखापटनम को पाकिस्तान के कब्जे में जाने से बचाते हैं.

यह फिल्म 18 दिनों तक पानी के अंदर रहे एक नौसेना अधिकारी की टीम की कहानी है. फिल्म 17 फरवरी 2017 को रिलीज होगी.

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