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आजादी के दिन मुंबई के इस मकान पर क्यों फहराया गया था पाकिस्तान का झंडा

मोहम्मद अली जिन्ना

15 अगस्त 1947 को देश के अधिकांश भवनों पर तिरंगा लहराया जा रहा था.

लेकिन एक मकान ऐसा भी था जहां भारत के तिरंगे झंडे के साथ चांद सितारे वाला पाकिस्तान का हरा झंडा भी फहरा हुआ था.

मुम्बई के पॉश इलाके में स्थित जिस मकान पर पाकिस्तान का ध्वज फहर रहा था वह मकान पाकिस्तान के संस्थापक और बंटवारे में मुख्य सूत्रधार मोहम्मद अली जिन्ना का था. जहां पर उनकी पुत्री दीना रहती थी.

दीना के पिता मोहम्मद अली जिन्ना ने देश का बंटवारा कराकर पाकिस्तान हासिल किया था. पिता की जीत की खुशी में दीना ने घर पर पाकिस्तान का झंडा फहराया.  लेकिन भारत को आजादी मिली थी और दीना की शादी हो चुकी थी और उसने अपने पति के साथ भारत में रहने का निश्चय किया था, इसलिए उन्होंने भारतीय ध्वज फहराना भी जरूरी समझा.

बतां दे दीना ने उस मुल्क में जाने से इंकार कर दिया था जिसे उनके पिता ने बनाया था.

कम ही लोगों को मालूम होगा कि जिन्ना की पुत्री दीना वाडिया ही मशहूर उद्योगपति नुस्ली वाडिया की मां और नेश वाडिया और जहांगीर वाडिया की दादी हैं.

दीना के पुत्र नुस्ली वाडिया बाम्बे डाइंग के चीफ हैं. नुस्ली वाडिया का छोटा बेटा जहांगीर इंडिगो एयरलाइन चलाता है बड़ा बेटा नेश आईपीएल की टीम किंग्स इलेवन पंजाब का मालिक भी है.

गौरतलब है कि दीना ने देश के बंटवारे से पहले प्रेम विवाह किया था. दीना वाडिया ने अपने पिता जिन्ना की मर्जी के खिलाफ नेविल नाम के पारसी शख्स से शादी की थी. जिन्ना को ये बात कतई अच्छी नहीं लगी थी.

बतातें चलें कि दीना वाडिया अपने जीवन में सिर्फ दो ही बार ही पाकिस्तान गईं.

एक बार 1948 में मोहम्मद अली जिन्ना की मृत्यु हो गई थी. दूसरी बार उस वक्त जब वर्ष 2004 में कराची में भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का वन डे मैच खेला गया था. उस समय परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे.

परवेज मुशर्रफ ने खुद इकबाल स्टेडियम में दीना की अगवानी की थी. वह तब अपने पिता की कब्र पर भी सजदा करने के लिए गई थीं.

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