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उल्लू के इस घर को देखकर आप समझ जायेंगे कि उल्लू इतना भी ‘उल्लू’ नहीं होता

उल्लू की समझदारी

उल्लू की समझदारी – शाम होते ही पक्षी भी इंसानों की तरह अपने आशियाने में लौट जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे जानवर और पक्षी भी होते हैं जो दिन के बदले रात को शिकार की तलाश में निकलते हैं.

ऐसे ही निशाचरों में उल्लू की भी गिनती सबसे टॉप पर की जाती है. इस बात से तो हर कोई वाकिफ है कि उल्लू दिन को सोता है और रात को जागता है. आमतौर पर हम जब कोई व्यक्ति बेवकूफी वाला काम करता है तो उसे हम उल्लू का नाम देते हैं.

लेकिन आज हम आपको जिस उल्लू के बारे में बताने जा रहे हैं वो बेवकूफ नहीं बल्कि इतना समझदार है कि आप उल्लू की समझदारी से दंग रह जाएंगे.

इस प्यारे से पक्षी ने अपना आशियाना एक पेड़ के ऐसे छेद में बनाया हुआ है जो आपकी आंखों के सामने होते हुए भी आप उसे पहचान नहीं पाएंगे. ये उल्लू की समझदारी है.

स्वीडन के एक फोटोग्राफर हैं जिनका नाम है Lars Eskilden. उन्होंने नॉर्थ Stockholm के एक विशाल पेड़ की तस्वीर शेयर की है. फोटोग्राफर ने अपने कैमरे से इस खूबसूरत तस्वीर को लिया है. जिसमें आप देख सकते हैं कि ये प्यारा सा पक्षी उल्लू अपने आशियाने में किस तरह आराम कर रहा है. इस फोटोग्राफर की जब नजर इस उल्लू पर गई तो वे दंग रह गए, क्योंकि उनका इस जगह पर हमेशा आना जाना लगा रहता है लेकिन बावजूद इसके इससे पहले कभी उनकी नजर इस पर नहीं गई. Eskilden अपनी बीवी और बच्चों के साथ सैर करने के लिए निकले हुए थे उसी दौरान उनकी नजर इस उल्लू पर पड़ी थी.

उल्लू की समझदारी

इसे देखने के बाद वे आश्चर्यचकित थे. 53 साल के Eskilden का कहना है कि ये देखना अपने आप में काफी आश्चर्यचकित करने वाला था कि एक छोटे से छेद में किस तरह ये पक्षी खुद को महफूज बनाए रखा था.

उल्लू की समझदारी

इस तस्वीर को लेनेवाले फोटोग्राफर का कहना है कि ये उल्लू बहुत ही आराम से अपने इस खूबसूरत आशियाने में सोया हुआ था. मैं वहीं रुक गया इस इंतजार में कि कब वो उठेगा और अपने शिकार के लिए जाएगा ताकि मैं उसके शिकार करते समय की तस्वीर अपने कैमरे में कैद कर सकुं.

गौरतलब है कि उल्लू ऐसा पक्षी है जो शाम के समय ही शिकार पर निकलता है. लेकिन अंधेरा ढलने पर तस्वीर लेना काफी मुश्किल भरा होता है. इसके लिए काफी प्रैक्टिस और टाइमिंग की आवश्यकता पड़ती है. फोटोग्राफर को उल्लू के हिसाब से अपना समय निर्धारित करना होता है. उल्लू के उठने का समय शाम को 4:30 बजे के बाद होता है और यही वो समय होता है जब सूर्य अस्त होने को तैयार रहता है.

उल्लू की समझदारी

है ना ये बेहद हीं खूबसूरत और सच्ची तस्वीर जो बयां करती है कि उल्लू को आप जितना ‘उल्लू’ समझते हैं असल में वो उतना ‘उल्लू’ होता नहीं. उल्लू एक बेहद ही खूबसूरत और समझदार पक्षी होता है. इसका दर्शन करना भी शास्त्रों में काफी अच्छा बताया गया है.

ये है उल्लू की समझदारी के उदहारण – उल्लू एक  ऐसा पक्षी होता है जिसे रात को दिन की अपेक्षा ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है. उल्लू के कान काफी संवेदनशील रहते हैं. रात के समय जैसे ही किसी प्रकार की थोड़ी सी भी हरकत होती है तो इस पक्षी को आसानी से अपने शिकार की आहट मिल जाती है और उसे बड़ी चालाकी से दबोच लेता है. उल्लू के पैरों में 4 पंजे होते हैं. टेढे-मेढे नाखून शिकार को दबोचने में इसे काफी सुविधा प्रदान करते हैं. उल्लू को अपने भोजन में सबसे अधिक पसंद है चूहे. ये खूबसूरत पक्षी दुनिया भर के सभी हिस्सों में पाया जाता है.

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