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कुलभूषण जाधव को फांसी से बचाने के लिए मोदी सरकार के पास बचे हैं ये विकल्प !

कुलभूषण जाधव को बचाने के विकल्प

कुलभूषण जाधव को बचाने के विकल्प – जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है वैसे वैसे मोदी सरकार के पास कुलभूषण जाधव को बचाने के विकल्प कम होते जा रहे हैं.

यह बात मोदी सरकार बहुत अच्छे से समझ रही है. यही कारण है कि उसने पाकिस्तान द्वारा कथित जासूसी के आरोप में पकड़े गए भारतीय नौ सेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को बचाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास शुरू कर दिए.

लेकिन इन सब के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास कुलभूषण जाधव को बचाने के विकल्प बचे है उन पर एक नजर डालते हैं.

कुलभूषण जाधव को बचाने के विकल्प –

1 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास कुलभूषण जाधव को बचाने के लिए सबसे मजबूत और कारगर कोई तरीका है तो वो है अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दवाब. दुनिया के प्रभावशाली देशों द्वारा पाकिस्तान पर दवाब बनवाकर भारत कुलभूषण की फांसी को टलवा सकता है.

2 – इसके अलावा भारत पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक वार्ता के जरिए प्रयास कर सकता है. हालांकि इसकी गुंजाइश अब बहुत ही कम नजर आ रही है.

कुलभूषण जाधव को बचाने के विकल्प

3 – भारत पाकिस्तान को संकेतों के जरिए कोल्ड स्टार्ट वार की धमकी देकर बता सकता है कि अगर उसने गैर कानूनी तरीके से जाधव को फांसी दी तो भारत इसका जवाब देने के लिए उसे छोटे और सीमित युद्ध के लिए भी मजबूर कर सकता है.

कुलभूषण जाधव को बचाने के विकल्प

4 – इसके अलावा भारत अपने पाकिस्तान में अपने गुप्त सूत्रों के जरिए जाधव की फांसी को ऊपरी अदालत में चुनौती देकर टलवा सकता है. जैसे ही एक बार फांसी टल जाए तो फिर वहां उसको कानूनी सहायता दिलवाने में बैक डोर मदद भी कर सकता है.

कुलभूषण जाधव को बचाने के विकल्प

5 – मोदी सरकार को भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की बलूचिस्तान को मान्यता देने की बात को गंभीरता के साथ पाक मीडिया प्रचारित और प्रसारित करवानी चाहिए. ताकि पाकिस्तान पर इसको लेकर दवाब बनाया जा सके.

कुलभूषण जाधव को बचाने के विकल्प

6 – इन सब के अलावा पाकिस्तान पर दवाब बनाने का सबसे कारगर उपाय है कि भारत पाक सीमा पर सैन्य गतिविधि बढ़ा दे. ताकि पाकिस्तान को ये आभास हो जाए कि अगर उसने कुछ भी नियमों के विपरीत जाकर किया तो उसका खामियाजा उसको भुगतना पड़ सकता है.

कुलभूषण जाधव को बचाने के विकल्प

ये है कुलभूषण जाधव को बचाने के विकल्प – बहराल, जिस प्रकार कुलभूषण जाधव को लेकर भारत और पाकिस्तान की ओर से बयान आ रहे हैं उसको देखते हुए साफ है कि यदि पाकिस्तान ने जाधव के मामले में अधिक दुस्साहस किया तो उसको इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. क्योंकि जिस प्रकार विपक्ष मोदी सरकार पर दवाब बना रहा है वह भारत को पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए मजबूर कर सकती है.

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