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बड़ा खुलासा ! अंग्रेजों ने अफीम खिलाकर किया था चीनी और भारतीयों का शिकार

Opium Trade History

यह बात आपको अजीब लग रही होगी लेकिन यह बात एक दम सच है कि अंग्रेजों ने अफीम खाकर भारत और चीन दोनों देशों का शिकार किया था.

अफीम युद्ध वैसे कहने को चीन पर किया गया था लेकिन अंग्रेजों ने जितनी चाल से अफीम की आड़ में भारत से गुलामी कराई वह वाकई सोचने वाला सवाल है.

क्या भारत हमेशा से ही एक गुलाम देश रहा है?

क्या हर भारतीय शुरुआत से ही मजदूरी करने के लिए पैदा हुआ है?

आज हम आपको बताने वाले हैं कि कैसे अफीम के व्यापार से अंग्रेज सोना कमा रहे थे और चीन तब नशे में बर्बाद था और भारत मजदूरी करके बर्बाद हो रहा था.

वो अंग्रेज थे जो सोना कमा रहे थे.

आइये पहले इतिहास के पन्नों को पलटते हैं. चीन पर यह एक हमला था

पहला अफीम युद्ध ब्रिटेन द्वारा चीन पर किया गया सर्वप्रथम आक्रमणकारी युद्ध है. ब्रिटेन ने 19वीं शताब्दी के मध्य में अफीम के व्यापार को लेकर ही चीन के विरूद्ध आक्रमणकारी युद्ध छेड़ा था. यह युद्ध सन् 1840 में हुआ और सन् 1842 तक चला.

18वीं सदी के अंत में ब्रिटेन ने चीन को भारी मात्रा में अफीम का निर्यात किया, इस अफीम से अंग्रेज सोना कमा रहे थे. वह चीन को अफीम देते थे और बदले में सोना लेते थे. इस अफीम से पूरा चीन बर्बाद होने लगा था. चीन का हर व्यक्ति अफीम की आड़ में खत्म हो रहा था. अफीम सेवन से बहुत से चीनियों की सेहत पर बुरा असर पड़ा और राजकोष खाली होने लगा.

लेकिन तभी अचानक  छिंग राजवंश की सरकार की आंखें खुलीं और सम्राट ने सन् 1838 के अंत में लिन चे-श्यू को अफीम के व्यापार पर पाबंदी लगाने के लिए विशेष दूत नियुक्त किया.

तब अफीम चीन में नहीं आ पा रही थी तो 28 जून को ब्रिटिश नौसेना ने चू-च्यांग या पर्ल नदी के मुहाने पर नाकेबंदी कर दी. इस प्रकार अफीम युद्ध की शुरूआत हुई. जुलाई में ब्रिटिश नौसेना ने उत्तर की ओर बढते हुए पेइचिंग के नजदीक ताकू बन्दरगाह पर कब्जा करके छिंग राजवंश की सरकार पर दबाव डालने की कोशिश की.

इस तरह से अंग्रेज चीन को बर्बाद कर रहे थे. वह अफीम चीन को खिला रहे थे और बदले में सोना के रहे थे.

और अफीम उगाते थे भारतीय

लेकिन जो अफीम चीन भेजा जा रहा था उसकी खेती भारत में होती थी. भारत से अफीम जाता था चीन और चीन से सोना आता था इंग्लैंड और इंग्लैंड से चंद पैसा मजदूरी का भारत आता था. अंग्रेज अफीम खिला रहे थे और सोना प्राप्त कर रहे थे. इसी धन के आधार पर अंग्रेज पूरे विश्व पर गुलामी कर रहे थे.

इस तरह से अंग्रेजों ने चीनी और भारतीयों को अफीम खिलाकर दोनों ही देशों को खोखला करने का काम किया था.

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