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हर रोज इस मंदिर में आते हैं कृष्ण भगवान और मंदिर के दरवाजे खुद से खुलते व बंद होते हैं

Nidhivan Rang Mahal Radha And Krishna In Vrindavan

ऐसा देश है मेरा कि यहाँ हर चार कदम पर आपको अलग संस्कृति, संस्कार और अजब-गजब कहानियां किस्से सुनने को मिल जायेंगे.

विश्व के किसी देश में इस तरह की खूबी और खासियत नहीं दिख पायेगी.

इसी क्रम में जब आप कृष्ण नगरी मथुरा—वृन्दावन जाते हैं तो आपको यहाँ एक मंदिर ऐसा मिलेगा जहाँ बोला जाता है कि आज भी यहाँ कृष्ण भगवान आते हैं.

हर सुबह यहाँ का दरवाजा खुद से खुलता है और हर रात्रि खुद ही बंद हो जाता है. मंदिर में हर शाम बिस्तर लगाया जाता है ताकि यहाँ कृष्ण जी आ सकें और भगवान के लिए मक्खन रखा जाता है ताकि वह भोग लगा सकें.

आप आप बोलेंगे इसमें कौनसी नई बात है यह तो सामान्य सी ही बात है. लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि सुबह जब पंडित जी यहाँ जाते हैं तो बिस्तर ऐसा होता है कि जैसे कोई यहाँ आराम कर रहा था. इसी तरह से मक्खन का भोग भी कटोरी से लगाया हुआ प्रतीत होता है.

 रंगमहल, जहाँ सोते हैं भगवान

रंगमहल यहाँ का एक प्रसिद्ध मंदिर भी है.

यहाँ पर रोज रात को श्रीकृष्ण और राधा के लिए पलंग लगाया जाता है.

यहाँ के लोग व पंडित बताते हैं कि रात्रि में श्रीकृष्ण और राधा आज भी यहां शयन करते हैं. साथ ही साथ बताया जाता है कि सुबह बिस्तरों के देखने से प्रतीत होता है कि यहां निश्चित ही कोई रात्रि विश्राम करने आया था. साथ ही, श्रृंगार सामग्री भी बिखरी हुई मिलती है. रात को जो भोग रखा जाता है वह खाया हुआ प्रतीत होता है.

निधि वन, जहाँ रास रचाते हैं भगवान

इसी जगह पर एक वन भी है जिसे वृंदावन का निधि वन कहते हैं. यह एक रहस्यमयी स्थान है. यहाँ के लोग बताते हैं कि निधि वन में भगवान श्रीकृष्ण और राधा आज भी अद्र्धरात्रि के बाद रास रचाते हैं.

निधि वन में रुकने वाले हुए पागल

इस वन में जहाँ कृष्ण जी रास रचाते हैं वहन रुकने की मनाही है. इसके पीछे के कारण को बताया जाता है कि आज तक दो ही व्यक्तियों से छुपकर यहाँ भगवान के दर्शन करने की सोची और दोनों ही अगली सुबह यहाँ पर पागल पाए गये थे. उनमें से एक संत थे जिनकी समाधि भी यहाँ बनाई गयी है.

वैसे भक्तों के लिए यह स्थान दिन में खुला हुआ रहता है.

सभी भक्त यहाँ जाकर आरती व प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं. इस स्थान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दिन में आप यहाँ पक्षियों को देख सकते हैं लेकिन रात्रि में वह भी यहाँ नहीं रुकते हैं. साथ ही साथ लोगों की मान्यता है कि यहाँ सच्चे दिल से मांगी हर मुराद भी पूरी हो जाती है.

तो अब अगर आप मथुरा-वृन्दावन जाए तो यहाँ जाना बिलकुल ना भूलें लेकिन याद रखें यहाँ रात्रि में जाना मना है.

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