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नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लड़के की IIT से लेकर विदेश में नौकरी करने की कहानी !

अनूप राज

अनूप राज – कहा जाता है कि कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से दुनिया में कुछ भी हासिल किया जा सकता है.

और ऐसा ही एक जीता जागता उदाहरण है अनूप राज. जी हाँ 23 साल के अनूप राज की कहानी बड़ी ही इंस्पायरिंग है. इतनी छोटी सी उम्र में गरीबी और लाचारी से बाहर निकल कर अनूप ने अपनी सफलता की कहानी खुद अपने हाथों से लिखी है. अनूप बिहार के औरंगबाद जिले के एक छोटे से गाँव चेंव गाँव के रहने वाले है. बिहार का ये इलाका देश के नक्सल प्रभावित इलाके में गिना जाता है.

अनूप राज

अनूप ने पाचंवी क्लास तक तो स्कूल का मुंह तक नहीं देखा था, लेकिन अनूप राज के पिता चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बने. उनके पिता खुद गाँव के सबसे ज्यादा पढ़े लिखे आदमी थे. लेकिन गाँव में स्कूल नहीं होने के कारण अनूप का पढ़ाई करना मुश्किल था. इसलिए अनूप के पिता ने उनका एडमिशन गाँव से दूर रफीगंज में करवा दिया. अनूप ने अपनी पढ़ाई शुरू ही की थी की, 2008 में उनके पिता घर छोड़ कर चले गए, उनको सभी ने तलाशने की बहुत कोशिश की लेकिन वे नहीं मिले. इस हादसे में अनूप की माँ सदमे में चली गई और काम छोड़ कर घर पर ही रहने लगी. अब घर और अपनी पढ़ाई दोनों की जिम्मेदारी अनूप के नाजुक कंधो पर आ गई.

अनूप राज

इन बुरे दिनों में अनूप ने हिम्मत नहीं हारी और हालातों से लड़ने का मन बना लिया उसने ट्यूशन करके अपनी पढ़ाई और घर का खर्च निकाला.

12 वीं तक पढ़ाई करने के बाद आगे की पढ़ाई करने का फिर से अनूप के ऊपर संकट आ गया. इसी दौरान अनूप सुपर-30 के आनंद कुमार के संपर्क में आये. और वहां पर आईआईटी के लिए मेहनत करने लगे और पहले ही प्रयास में 997 रैंक हासिल कर आईआईटी बॉम्बे में एडमिशन ले लिया. आईआईटी में जाने के बाद अनूप ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अनूप को सऊदी अरब में सिविल इंजीनियर की नौकरी मिल गई. कुछ साल वहां पर जॉब करने के बाद 2015 में अनूप अपने देश वापस लौट आये और अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक स्टार्टअप शुरू किया, आज वे अपने स्टार्टअप से सालाना करोड़ो रूपये का कारोबार कर रहे है.

एक अति पिछड़े गाँव से निकल कर विदेश में नौकरी और खुद की कंपनी शुरू करना एक सपने के सच होने जैसा है. और ये सपना सच कर दिखाया है अनूप राज ने. दोस्तों कुछ ना कारने के सैकड़ो बहाने आपको मिल जायेंगे लेकिन सफ़लता हासिल करने की एक ही वजह किसी की जिंदगी बदल सकती है.