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एक असफल शख्स आज युवाओं को बताता है सफल होने के तरीके !

संदीप माहेश्वरी

संदीप माहेश्वरी – भारत देश ऐसे सैकड़ों लोग हैं, जिन्होंने अपने दम पर हर क्षेत्र में कुछ खास मुकाम कायम किए हैं. चाहे फिर वह राजनीति, फिल्म इंडस्ट्री, उद्योग का क्षेत्र हो या फिर पब्लिक रिलेशन. कुछ लोगों ने अपनी काबिलियत का परिचय दुनिया को किसी भी जगह पर रह कर दिया है.

आज हम बात करने वाले हैं पब्लिक मोटिवेटर संदीप माहेश्वरी के बारे में. संदीप माहेश्वरी एक उद्योगपति फोटोग्राफर, और यूथ मोटिवेटर है. वह इमेजेस बाजार नाम की फोटोग्राफी पर आधारित कंपनी के सीईओ है जो भारतीय चीजों और लोगों से जुड़ी हुई फोटो की विश्व की सबसे बड़ी ऑनलाइन वेबसाइट है. अगर इनके कारोबार के बारे में बात करें तो इनका सालाना कारोबार 11 करोड रुपए का है.

संदीप माहेश्वरी

संदीप माहेश्वरी के व्यक्तित्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक संदीप को कुल मिलाकर नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के कई अवार्ड मिल चुके हैं. जिसमें

एंटरप्रेन्योर इंडिया समिति द्वारा क्रिएटिव इंटरनेशनल ऑफ द ईयर 2013 का अवार्ड

वर्ल्ड बिजनेस वर्ल्ड मैगजीन ने भारत के सबसे होनहार उद्यमियों में से एक कहा

ग्लोबल यूथ मार्केटिंग फॉर्म द्वारा उन्हें Star अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया

ब्रिटिश काउंसिल जो ब्रिटिश हाई कमीशन का एक विभाग हैं, के द्वारा इन्हें यंग क्रिएटिव इंटरप्रेन्योर अवॉर्ड से नवाजा गया।

संदीप माहेश्वरी को टीवी चैनल ईटी नाऊ द्वारा पायनियर ऑफ़ टुमारो अवार्ड से भी सम्मानित किया गया. इत्यादि

संदीप माहेश्वरी के शुरुआती जीवन को देखें तो संदीप एक बहुत ही साधारण किस्म के विद्यार्थी रहे हैं इनका ना पढ़ाई में मन लगता था और ना ही यह अपने आप में आत्मविश्वास देख पाते थे लेकिन समय के साथ उन्होंने बदलाव किया और अपनी रणनीति के द्वारा एक मुकाम हासिल किया संदीप की पढ़ाई के बारे में डिस्कस करें तो संदीप ने दिल्ली के करोड़ीमल कॉलेज से बीकॉम में एडमिशन लिया था लेकिन किसी कारणवश यह बीकॉम की पढ़ाई नहीं कर पाए. मतलब संदीप को अपना ग्रेजुएशन ड्राप आउट करना पड़ा.

संदीप माहेश्वरी

संदीप के बारे में एक दिलचस्प बात पर गौर करें तो इनकी पत्नी इनकी स्कूल बैचमेट है दोनों लोगों ने ट्वेल्थ क्लास तक एक साथ पढ़ाई की

अपनी परिस्थितियों के बारे में संदीप बताते हैं कि शुरुआत में  उन्हें अनेक कामों में  असफलता का सामना करना पड़ा उन्होंने 19 साल की उम्र मे उन्होंने मैश ऑडियो विजुअल नाम की कंपनी खोली जो मॉडल्स के पोर्टफोलियो बनाती थी इस कंपनी से नाकामी ही मिली लेकिन संदीप ने हार नहीं मानी और 2002 में अपने 3 दोस्तों के साथ मिलकर एक और कंपनी शुरू जो6 महीने बंद हो गई.

यहाँ उन्होंने अपनी नाकामियों के अनुभव से और समाज की मदद के लिए एक किताब लिखी वह भी सफल नहीं हो पाई. इतनी नाकामियों के बाद तो  कोई भी घुटने टेक देता है लेकिन संदीप का हौसला बुलंद रहा. उन्होंने हार नहीं मानी और लगन से मेहनत करते रहे.  साल2003 में उन्होंने मात्र 10 घंटे 45 मिनट में 122 पोर्टफोलियों बना कर एक रिकॉर्ड बना डाला. जिससे उन्हें काफी लोकप्रियता मिली. लेकिन वह बिना भटकाव के आगे बढ़ते गए. तभी उन्हें अपनी वेबसाइट बनाने का विचार आया जिस पर इंडियन मॉडल्स के चित्र हो बस 2006 में उन्होंने अपनी वेबसाइट लॉन्च की.

अपनी अपार सफलता के बाद भी उन्होंने अपने जीवन के अनुभव से युवाओं को प्रोत्साहित किया हैं और अपनी तरफ से हर संभव कोशिश करते हैं कि लोगों को एक सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा दे सके.

संदीप अपने यूट्यूब चैनल के जरिए अपने सेमिनार्स के विडियो शेयर करते हैं. लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि ये इन सेमिनार्स का एक भी पैसा नहीं लेते.  संदीप का एक बेसिक कथन है “आसान है”

यंन्गिस्थान की ओर से मैं भी सभी यूथ को कहूँगा कि उन्हें यह सेमीनार जरूर देखना चाहिए.

 

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