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यहाँ आदिवासी महिलायें अपनी ओढ़नी पर कढ़वा रही है मोबाइल नंबर जो तारीफ के काबिल है !

ओढनी पर मोबाइल नंबर

ओढनी पर मोबाइल नंबर – अधिकतर हम किसी बात या किसी जरुरी नंबर को याद रखने के लिए डायरी में लिखते है।

लेकिन कुछ लोग इसमें भी हमसे आगे है, जी हाँ आपने कभी सोचा है कि आपका मोबाइल नंबर किसी ने अपनी ओढनी पर मोबाइल नंबर कढ़वाया हो ।

दरअसल ये ‘इनोवेटिव आईडिया’ आदिवासी महिलाओं का है, जिन्हों ने अपनी ओढनी पर मोबाइल नंबर कढ़वाया है।

ओढनी पर मोबाइल नंबर

जी हां, आदिवासी महिलाओं ने अपने परिजनों के मोबाइल नंबर याद रखने, अपनी पहचान को बेहतर करने का एक अभिनव तरीका खोज निकाला है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान के उदयपुर इलाके में स्थित कोटड़ा में आदिवासी महिलाएं अब अपनी ओढ़नी पर अपना नाम और करीबी रिश्तेदार का मोबाइल नंबर कढ़वा रही हैं।

जहां यह एक सुविधा तो है ही, साथ ही किसी करीबी के प्रति अपनापन दिखाने का एक देसी अंदाज भी है।

इस क्षेत्र में अधिकतर आदिवासी महिलाएं पढ़ना-लिखना नहीं जानतीं। यही वजह है कि इन महिलाओं ने अपनी ओढ़नी पर ही बेटे, पति या अन्य परिजनों का नंबर कसीदे से कढ़वा रखा है। ये महिलायें जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल कर लेती हैं। पढ़ी-लिखी महिलाएं फोन नंबर मोबाइल में फीड कर लेती हैं और जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग करती है।

लेकिन जो महिलाएं पढ़ना-लिखना नहीं जानतीं, वे अब इस तरीके को अपना रही हैं।

कहते है कि समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना जरूरी है नही तो हम पीछे रह जाएंगे।

इन आदिवासी महिलाओं का मोबाईल नंबर याद रखने का ये इनोवेटिव तरीका बेहद सराहनीय है।

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