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मरने के बाद भी कुछ पल एक्टिव रहता है दिमाग

मृत्‍यु के बाद के अनुभव

मृत्‍यु के बाद के अनुभव – मौत के बाद क्‍या होता है इस बारे में कोई नहीं जानता क्‍योंकि जब मौत के बाद हम किसी से बात ही नहीं कर सकते तो मृत्‍यु के बाद के अनुभव के बारे में कैसे बताएंगें।

लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च में मौत के बाद होने वाली चीज़ों के कई राज़ खोलने का दावा किया है।

न्‍यूयॉर्क यूनिवर्सिटी लैंगोन स्‍कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्‍हें कुछ ऐसे सबूत मिले हैं जो मृत्‍यु के बाद के अनुभव  के कई राज़ खोलते हैं।

शोधकर्ताओं की टीम के मुताबिक मृत्‍यु के बाद भी इंसान को कुछ पल के लिए अपने आसपास की सारी घटनाओं और चीज़ों का आभास होता है।

शोधकर्ताओं की टीम ने हार्ट अटैक या किसी घटना से कुछ देर के लिए मृत बताए गए लोगों पर रिसर्च की जो बाद में जीवित हो गए। एक शोधकर्ता ने बताया कि इस बात में कोई शक नहीं है कि धड़कन के रूकते ही दिमाग काम करना बंद कर देता है। धड़कन के रूकने के बाद तत्‍काल ही दिमाग काम करना रोक देता है। लेकिन कुछ ऐसे मामले में भी सामने आए हैं जब लोगों में दिमाग के काम बंद करने के बाद भी आसपास घट रही घटनाओं का आभास हुआ है।

शोधकर्ता की मानें तो मरने के बाद भी दिमाग में जरूर कुछ ऐसा है जो मरने के कुछ पल के बाद भी उसे एक्टिव रखता है।

इस रिसर्च के विपरीत 2013 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की एक रिसर्च में सामने आया था कि दिमाग में एक अनोखी शक्‍ति होती है जो व्‍यक्‍ति के मरते ही ध्‍वस्‍त हो जाती है।

मृत्‍यु के बाद के अनुभव – इस रिसर्च से वर्तमान में किए गए शोध पर भी सवाल उठते हैं कि अगर व्‍यक्‍ति के मरने या अटैक आने पर दिमाग काम करना बंद कर देता है तो फिर उसे अपने आसपास की घटनाओं का आभास कैसे होता है।

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