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शादी की पहली रात को दूध पीने के पीछ है ये वैज्ञानिक कारण !

शादी की पहली रात को दूध

शादी की पहली रात को दूध – हमारे देश में शादी आज भी कोई एक दिन का फंक्शन नहीं, बल्कि हफ्ते भर चलने वाला सेलिब्रेशन होता है और इसमें ढेर सारे रीति-रिवाजों को फॉलो किया जाता है.

वैसे ये नियम-कायदे सिर्फ शादी के पहले ही नहीं शादी के बाद तक भी चलते रहते हैं और इन्हीं में से एक है सुहागरात के दिन दूध पीना.

आप कई हिंदी फिल्मों में भी देखा होगा कि शादी की पहली रात को दूध –  नई-नवेली दुल्हन दूल्हे के लिए एक ग्लास दूध लेकर आती है या फिर कोई फैमिली मेंबर उनके लिए दूध लेकर आता है. आप सोच रहे होंगे कि भला शादी की पहली रात को दूध क्यों दिया जाता है कपल को. जो जनाव इसके पीछे सिर्फ रीति-रिवाज नहीं विज्ञान भी हैं. दूध देने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी हैं.

शादी की पहली रात को दूध

दरअसल, इस दिन प्लेन दूध नहीं दिया जाता बल्कि दूध में केसर और बादाम डाला जाता है.

वहीं कुछ लोग सिर्फ बादाम और काली मिर्च पाउडर डालते हैं, कुछ सिर्फ बादाम या कुछ दूध में सौंफ मिलाते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार तो दूध को पवित्र माना जाता है इसलिए कपल को नई जिंदगी की शुरुआत दूध पीकर करना अच्छा माना जाता है. मगर इसे पीछे वैज्ञानिक कारण भी है. कई लेखों के मुताबिक कामसूत्र में बताया गया है कि ऐसा करने से सेक्स के दौरान स्टेमिना और ताकत बढ़ती है. ऐसा जोड़े की सुहागरात को अच्छा बनाने के लिए किया जाता है.

दूध, केसर और क्रश किया हुआ बादाम शादी की थकाऊ रस्मों के बाद कपल को एनर्जी देता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि दूध और बादाम दोनों में काफी मात्रा में प्रोटीन होता है जो शरीर को ताकत देता है. टेस्टोस्टेरॉन और एस्ट्रोजन हॉर्मोन के निर्माण में भी प्रोटीन की जरूरत होती है, ये हॉर्मोन्स सेक्स एक्सपीरियंस को बेहतर बनाते हैं. माना जाता है कि इस मिश्रण से सेक्स ड्राइव बढ़ती है. दूध, केसर और क्रश किए हुए बादाम बहुत शक्तिशाली कॉम्बिनेशन है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है.

तो अब आप समझ ही गए होंगे कि कपल को शादी की पहली रात को दूध दिया जाता वो कोई आम नहीं, बल्कि बहुत खास दूध होता है और हमारे पूर्वजों ने बहुत सोच-समझकर ये रिवाज बनाया होगा.

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