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और इस तरह एक कूली ने खड़ा कर दिया 2500 करोड़ का बिजनेस !

एमजी मुथू

एमजीएम कंपनी की गिनती आज देश की अग्रणी लॉजिस्टिक्स कंपनी में होती है. देश नहीं विदेशों में भी इस कंपनी का कारोबार है और इसकी कुल संपत्ति 2500 करोड़ से अधिक है पर क्या आपको पता इस कंपनी के मालिक कभी कूली का काम करते थे.

इस कंपनी के मालिक का नाम एमजी मुथू है और इनके मां-बाप एक जमींदार के यहां मजदूरी किया करते थे.

एमजी मुथू की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणास्रोतस बन सकती है जो कुछ बड़ा करने की हसरत तो रखते हैं लेकिन प्रतिकुल परिस्थितियों की शिकायत लेकर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं.

एमजी मुथू का जन्म तमिलनाडू के एक छोटे से गांव में हुआ था. उनका परिवार इतना गरीब था कि वे एक वक्त ही खाना खाया करते थे. मुथू  बचपन से ही कारोबार करना चाहते थे लेकिन घर की आर्थिक हालत ने उन्हें बचपन में ही पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करने को मजबूर कर दिया. वे अपने पिता के साथ जमींदारो के यहां सामान उठाने का काम करने लगे.

साल 1957 से एमजी मुथू मद्रास बंदरगाह पर एक कूली का काम करने लगे.

इस दौरान उन्होंने लोगों से अच्छे संबंध बनाये, एक एक पैसा जोड़ा और बेहद छोटे स्तर पर लॉजिस्टिक्स का काम शुरू किया.

अपने अच्छे स्वभाव और ईमानदारी के चलते उन्हें लोग काफी पसंद करते. बिजनेस शुरू करने के साथ ही उन्हें कुछ छोटे वेंडरों से काम मिलने लगा. उनकी काम की गुणवत्ता अच्छी थी जिस कारण से उनका बिजनेस बढ़ता गया. जब बिजनेस बढ़ा तो उन्होंने अपनी कंपनी का नाम एजीएम ग्रुप रख दिया.

आज लॉजिस्टिक्स जगत में एमजीएम का सिक्का चलता है.

एमजी मुथू आज 2500 करोड़ से अधिक के बिजनेस सम्राज्य के मालिक हैं. उनकी कंपनी लॉजिस्टिक्स के साथ कोयला और खनिज खनन, फूड चेन और होटल और कई अन्य क्षेत्रों में भी प्रवेश कर चुकी है. एमजीएम ग्रुप ने हाल ही में एक वोड़का ग्रुप भी खरीदा है. एमजी मुथू की सफलता की कहानी कोई चमत्कार नहीं बल्कि कड़ी मेहनत और लगन की कहानी है.

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