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पडोसी मुल्क के लिए भगवान बने भारत के डॉक्टर जिसने किया आश्चर्यजनक काम !

डॉक्टर ने किया आश्चर्यजनक काम

डॉक्टर ने किया आश्चर्यजनक काम – कहते हैं कि अगर आपका पडोसी अच्छा है तो आपकी मुसीबत और समस्याएँ कम हो जाती हैं.

हर सुख दुःख में वो आपका साथ देता है और आपके अपनों से पहले वो आपकी मदद करता है. ठीक ऐसा ही होता है दो देशों के बीच. अगर पडोसी मुल्क अच्छा है तो मुसीबत झट से टल जाती है, लेकिन अगर पडोसी ठीक नहीं है तो वो पकिस्तान की तरह मुसीबत खड़ा करता रहता है.

पड़ोसी मुल्क हो तो भारत की तरह, जो हर समय अपने पड़ोसी देशों के हित के लिए काम करता है, फिर चाहे वो पकिस्तान ही क्यों न हो. हाल ही में भारत ने अपने पडोसी मुल्क और एक शांतिप्रिय देश नेपाल के लिए अच्छा पड़ोसी बनकर दिखाया.

नेपाल की एक फैमिली जो अब दिल्ली में रहती है. उसी घर का नन्हा चिराग आज दोनों देशों के बीच दोस्ती को और मज़बूत कर दिया. इस घर के १० साल के मासूम को दिल्ली के डॉक्टरों ने नया जीवन दिया है. दरअसल, १० साल के वीरेंद्र को करंट लग गया, जिसके कारण उसके हाथ काटने पड़ें. परिवार के लिए ये बड़ी दुखद घटना थी. दिल्ली के सफदरजंग के बर्न और प्लास्टिक डिपार्टमेंट के डॉक्टरों ने वीरेंद्र को नया जीवनदान दिया. डॉक्टरों ने वीरेंद्र के पैरों की दो उंगलिया काटकर उसके हाथ में जोड़ दी हैं. ऑपरेशन हो गया है. डॉक्टरों का मानना है कि जल्द ही सबकुछ ठीक हो जाएगा.

२०१४ में वीरेंद्र को करंट लगा था, जिसमें उसके हाथ बुरी तरह से जल गए थे. वीरेंद्र के माता-पिता की हालत बहुत बुरी थी. अपने कलेजे के टुकडे को इस दशा में देखकर उन्हें और भी बुरा लग रहा था. इतनी कम उम्र के नाते अभी वीरेंद्र की पूरी जिंदगी उसके आगे पड़ी थी. एस एमें बिना हाथ के कैसे चलेगा. वीरेंद्र के दाहिने हाथ की उँगलियाँ जोड़कर डॉक्टरों ने उम्मीद की एक किरण जताई है. हो सकता है कि ये सफल हो जाए और वीरेंद्र की जिंदगी थोड़ी आसन हो जाए.

इस तरह से डॉक्टर ने किया आश्चर्यजनक काम – इस तरह की मिसाल पेश करके भारत के डॉक्टरों ने जाता दिया है कि पड़ोसी हों तो इनके जैसा. नहीं तो न हों.

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