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धोनी की फीकी पड़ रही है चमक ! किस्मत के धनी धोनी के ग्रहों ने छोड़ा साथ और जल्द छीन सकती है कप्तानी

धोनी की कुंडली

धोनी की चमक अब कहीं न कहीं फीकी पड़ती नजर आ रही है.

कुछ समय पहले धोनी जो भी निर्णय लेते थे वह सभी के सभी सही सिद्ध होते थे. लेकिन वहीँ साल 15 से अंत से धोनी का समय सही नहीं बोला जा सकता है. समय इतना खराब है कि हर फैसला अब इनके खिलाफ जा रहा है. साथी लोग जो कभी धोनी के साथ कदम मिलाकर चलते थे अब वह दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रहे हैं.

कुलमिलाकर देखा जाये तो धोनी अपने क्रिकेट करियर के सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं.

धोनी की कुंडली पर नजर डालें तो जो योग धोनी को किस्मत का धनी बना रहे थे, अब वह भी फीके पड़ रहे हैं. राहू की महादशा और शुक्र की नीचता से धोनी को इन सब परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

तो आज यंगिस्थान आपके लिए अपने इस विशेष कवरेज में लेकर आया है धोनी की कुंडली का आंकलन.

तो आइये पढ़ते हैं कि क्या कह रही है धोनी की कुंडली और बोल रहे हैं धोनी के सितारे-

महेन्द्र सिंह धोनी का जन्म कन्या लग्न में हुआ व उनकी चंद्र राशि भी कन्या है. इस समय धोनी की कुंडली में पर राहू की महादशा चल रही है व अतंर्दशा में शुक्र विराजमान है. प्रत्यंतर दशा में बृहस्पति है.

अभी राहु की महादशा चल रही है जोकि 2020 तक चलनी है. साल 2013 तक तो राहू के साथ बुध था जो इनको मदद कर रहा था. साथ ही साथ कुंडली में गजकेसरी योग भी था. वहीँ अब राहू की महादशा ही धोनी को सबसे ज्यादा परेशान करने का काम कर रही है. कुंडली का बारहवा घर जो आय-व्यय से संबंध रखता है वहां केतू का होना भी लाभदायक नहीं है.

आने वाले समय की बात करें तो आने वाला समय धोनी के लिए बिलकुल सही नहीं है. आपसी विवाद सामने आयेंगे और पुराने कुछ केस में अदालती चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं.

कप्तानी भी हाथ से जा सकती है

सबसे बड़ी बात यह है कि शुक्र को कला के क्षेत्र का ग्रह माना जाता है. शुक्र अभी अन्तर्दशा में है और शुक्र के कारण ही धोनी को हो सकता है कि कप्तानी से हाथ धोना पड़ जाये. बेहतर होगा कि धोनी कप्तानी बेशक छोड़ दें किन्तु सन्यास के बारें में ना सोचें. पारिवारिक समस्याओं से भी धोनी को दो-चार होना पड़ सकता है. स्वास्थ्य की बात करें तो ब्रहस्पति की पूजा करने से इनके निजी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से निजात प्राप्त हो सकता है.

उपाय के लिए क्या करें ?

उपाय की बात करें तो अधिक चिंता लेने से कोई भी फायदा होने वाला नहीं है. ब्रहस्पति के दिन व्रत और विष्णु भगवान की पूजा करें. साथ ही साथ गले में सिद्ध 10 मुखी रुद्राक्ष पहनने से लाभ प्राप्त होगा. अच्छा रहेगा कि धोनी अभी कुछ समय के लिए खुद आराम लें. समय अनुकूल ना हो तो विवादों से दूर रहना ही बेहतर होता है.

राजनैतिक लोगों से निकटता भी आपको कभी-कभी परेशान कर देती है.

धोनी आपके साथ यही हो रहा है. अपने पुराने दिन याद कीजिये और सब कुछ होते हुए भी अभाव में रहिये. यह आपके लिए तपस्या होगी. सबसे जरुरी राय यह है कि आप अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों की मदद करें.

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