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इस राजा के महल में महिलाओं को निर्वस्त्र होकर ही मिलती थी एंट्री!

महाराज भूपिंदर सिंह

भारत के गौरवशाली और महान इतिहास में कई ऐसे राजा हुए है जिनकी बहादुरी और पराक्रम के कई किस्से मशहूर हुआ करते थे.

लेकिन इसी इतिहास में कुछ ऐसे रंगीन मिजाज राजा भी हुए है जिनके बारे में कई अजीब बातें सुनने को मिली है.

आज हम आपको ऐसे ही एक राजा के बारे में बताने जा रहे है जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जायेंगे.

जी हाँ इस राजा के बारे में कहा जाता है इनके महल में स्त्रियों को सिर्फ और सिर्फ निर्वस्त्र होकर ही प्रवेश मिलता था. दरअसल पटियाला रियासत के महाराजा भूपिंदर सिंह अपने रंगीन मिजाजी स्वभाव के लिए जाने जाते थे, उनके बारे में कहा जाता था कि उनके महल में काम करने वाली स्त्रियाँ तक सुरक्षित नहीं थी.

उनके महल में स्त्रियों को निर्वस्त्र होकर ही प्रवेश मिलता था.

महाराज भूपिंदर सिंह

महाराज भूपिंदर सिंह का जन्म 12 अक्टूबर 1891 में पटियाला के मोतीबाग पैलेस में हुआ था. भूपिंदर सिंह ने साल 1900 से 1938 तक राजगद्दी को संभाला था. उनके बारे में बताया जाता है कि उनकी 365 रानियाँ हुआ करती थी जिनके किस्से काफी मशहूर हुआ करते थे. हालाँकि इनमे से सिर्फ 10 रानियाँ ही उनकी अधिकृत पत्नियाँ था. इन रानियों के लिए भूपिंदर सिंह ने भव्य महल बनवाएं थे. हालाँकि महाराजा और उनकी रानियों के कई किस्से अब इतिहास के पन्नों में दफ़न हो चुके है लेकिन उनके दीवान की लिखी एक किताब ने महाराजा की निजी जिंदगी के कई राज उजागर किये है.

उस समय राज्य के दीवान रहे जरमनी दास ने अपनी किताब में भूपिंदर सिंह के कई किस्सों से पर्दा हटाया है. उन्होंने महाराज भूपिंदर सिंह पर लिखी अपनी किताब में इस बात का खुलासा किया है कि महाराजा ने पटियाला में अपने महल का नाम ‘लीला-भवन’ रखा था जिसमे सिर्फ निर्वस्त्र लोगों को ही प्रवेश मिल सकता था. इस किताब के अनुसार महाराज भूपिंदर सिंह का ख़ास कमरा भोग-विलास की सभी सुविधाओं से युक्त था. उनके कमरे में स्त्री और पुरुषों की काम क्रियाओं में लिप्त कई पेंटिंग्स कमरों की दीवारों पर सजी हुई रहती थी. और उस कमरे के फर्श पर कीमती कालीन बिछे हुए रहते थे जिन पर कीमती रत्न और जवाहरात जड़े होते थे.

महाराज भूपिंदर सिंह

इतना ही नहीं इस महल में एक बहुत बड़ा स्विमिंग पूल भी हुआ करता था जिसमे एक साथ 150 से भी ज्यादा स्त्रियाँ और पुरुष नहा सकते थे. ऐसा कहा जाता है कि महाराज अपने इस स्विमिंग पूल में अपने 4-5 मित्रों के साथ सिर्फ महिला सेविकाओं के साथ नहाया करते थे. राजा की भव्यता के चर्चे इतने थे कि अंग्रेज अधिकारी भी उनकी प्रेमिकाओं और पत्नियों के साथ महाराजा की पार्टी में शामिल होने आया करते थे. इस किताब में और भी कई बातें लिखी है जिसमे बताया गया है कि इस तरह की पार्टियों में कभी-कभी अंतरंगता की सारी सीमाएं टूट जाया करती थी.

आपको बता दें कि भारतीय इतिहास में ऐसे तो कई महान राजा और शासक हुए है जिनके किस्से आज भी सुने और सुनाये जाते है. लेकिन कुछ ऐसे राजा भी थे जिनके बारे में सुनकर आज भी लोग हैरान रह जाते है और महाराजा भूपिंदर सिंह भी उन्ही में से एक थे.

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