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वह शख्स जिसके एक इशारे पर थम जाया करती थी दिल्ली

मदनलाल खुराना

दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने वाला भारतीय जनता पार्टी के पहले नेता मदनलाल खुराना एक ऐसे शख्स थे जिनके बारे में कहां जा सकता है कि उन्होंने ने दिल्ली पर राज किया था।

उनके एक इशारे भर से ही दिल्ली थम जाया करती थी। हाल ही में 27 अक्टूबर 2018 को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री रहे मदनलाल खुराना का निधन हो गया। मदनलाल खुरान का जन्म 15 अक्टूबर 1936 को पाकिस्तान में हुआ था। विभाजन के दौरान उनका परिवार भागकर भारत आ गया और वे दिल्ली में बस गए। उन्होंने आगे की पढ़ाई दिल्ली के ही किरोड़ीमल कॉलेज से की। छात्र जीवन में ही उनका रुझान राजनिति की और था और एबीवीपी की तरफ से हमेशा मैदान में रहे। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सीटी में बतौर शिक्षक भी अपनी सेवाएं दी।

मदनलाल खुराना

दिल्ली की राजनिति में मदनलाल खुराना तेजी से काफी लोकप्रिय हुए थे। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली में सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे। एक दिन मदनलाल खुराना ने कुछ लोगों को एक सिख पर हमला करते हुए देखा, वे खुद बीचबचाव करने गए और मामला शांत करवाया। धीरे-धीरे मदनलाल खुराना ने लोगों के बीच अपनी पैठ बनाई और पार्टी की दी हुई जिम्मेदारी को पूरी कर्मठता के साथ निभाते रहे ये ही कारण था की वे दिल्ली में तेजी से लोकप्रिय होते चले गए। वर्ष 1993 से लेकर 1996 तक वे दिल्ली के मुख्यमंत्री भी रहे। वे पार्टी में बेहद ताकतवर नेता माने जाते थे और उनके खिलाफ कोई भी बोलने की हिम्मत नहीं रखता था। लेकिन अचानक एक हवाला डायरी के सामने आने के कारण उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा था।

मदनलाल खुराना ने अपने जीवन में तमाम महत्वपूर्ण पदों पर काम सेवाएं दी। वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे साथ ही राजस्थान के राज्यपाल के रुप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थी। मदनलाल खुराना अपने विवादित बयानों के चलते अक्सर सुर्खियों में बने रहते थे और ये ही कारण था की पार्टी ने उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की थी। वे खुलेआम लालकृष्ण आडवानी की आलोचना करने के कारण पार्टी से बाहर कर दिए गए थे हालांकि बाद में उन्हें फिर पार्टी में ले लिया गया था।

मदनलाल खुराना

मदनलाल खुराना को दिल्ली की पानी की समस्या मिटाने के लिए हमेशा याद किया जाएगा। दिल्ली को वर्ष 1994 से पहले पानी के लिए हरियाणा पर निर्भर रहना पड़ता लेकिन सीएम बनते ही मदनलाल खुराना ने पानी का मुद्दा उठाया और लोगों के लिए यमुना का पानी फ्री करवाया। मदनलाल खुराना के मुख्यमंत्री बनने से पहले आलम ये था की पानी के लिए हर कोलोनी में नलके लगे होते थे जिन पर पानी पीने के लिए लंबी-लंबी कतारे लगी होती थी। दिल्ली को पानी पिलाने के लिए खुराना ने 5 राज्यों से समझौता किया और आम जनता की इस सबसे बड़ी परेशानी का समाधान किया था।

मदनलाल खुराना कहा करते थे कि दिल्ली उनके लिए मंदिर है और वे दिल्ली के पुजारी है इसलिए वे कभी भी दिल्ली की राजनिति से दूर नहीं रह पाए। मदनलाल खुराना की दिल्ली में अच्छी पैठ थी और वे दिल्ली के सियासत में हमेशा एक ब्रांड के तौर पर जाने जाते रहे।

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