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भारत पर हो सकता है लोन वुल्फ अटैक – NSG ने रद्द किए स्थापना दिवस कार्यक्रम

लोन वुल्फ अटैक

देश में आतंकी हमले को लेकर सामने आई एक नई खुफिया जानकारी के बाद देश भर में अलर्ट जारी किया गया है.

इस खुफिया अलर्ट की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपने स्थापना के 32 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि आतंकी हमलों से निपटने के बनाई गई एनएसजी ने इस बार अपना स्थापना दिवस मनाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है.

दिल्ली मुंबई और देश के कई बड़े शहर आतंकियों के रडार पर हैं और दिपावली की खुशियों को मातम में बदलने की पूरी तैयारी कर ली गई है.

दरअसल, आंतक की आहट से चैकन्नी पुलिस और खुफिया विभाग के लिए इसबार चुनौती थोड़ी अलग है. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लश्कर आतंकी हमले में मारे गए अपने लोगों का बदला लेने के फिराक में लगे हैं. लेकिन जो खुफिया जानकारी मिली है उसके अनुसार इस बार उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी है.

इसके लिए आतंकियों ने इसबार आईएस सरगना बगदादी के आतंक के फॉर्मूले को अपनाने की प्लानिंग की है.

आतंकवाद के इस बगदादी प्लान का नाम है लोन वुल्फ अटैक.

ये एक ऐसा आतंकी खतरा है जिसकी आहट को सुनना और पहचान करना बेहद मुश्किल है. क्योंकि इस तरह के अटैक में एक अकेला शख्स अचानक भीड़ में सामने आकर कई लोगों की मौत सबब बन जाता है.

आपको बता दें कि आतंकियों के हमला करने का यह एक नया तरीका है. फ्रांस और अमेरिका आईएस के आतंकवादियों ने हमले के लिए इस प्रकार तरीकों को ही अपनाया था. फ्रांस के नीस में हुए हमले के बाद एकाकए लोन वुल्फ अटैक चर्चा में आ गया था.

इस हमले में एक अकेला आतंकी ही पूरी घटना को अंजाम देता है और ऐसे हमलों में चाकू और छोटे धारदार हथियारों का प्रयोग करते है. किसी बस या भारी वाहन को अगवाकर उसे भीड़ में घुसाकर लोगों को रौंदते हुए निकल जाना लोन वुल्फ अटैक के तरीके हैं.

इस तरह के हमलों का जिम्मा किसी बड़े समूह के हाथों मे नहीं होता है, इसका संचालन चंद आतंकी ही करते है. या फिर ये कहें कि जो इसकी प्लानिंग करता है, उसे ही इसे अंजाम तक पहुंचाना होता है. इस कारण इसको खुफियां एजेंसी भी नहीं ट्रेस कर पाती हैं.

लोन वुल्फ से मतलब यह है कि जिस प्रकार भेड़िया दबे पांव अकेले हमला करता है उसी प्रकार अकेला आतंकी भी अपने मिशन को अंजाम देता है.

बताया जाता है कि इस हमले में आतंकियों के निशाने पर मॉल, मार्केट, मेट्रो और रेलवे स्टेशन आदि भीड़भाड़ वाले स्थान हो सकते हैं.

यही कारण है कि सरकार ने देश के भीतर इस प्रकार के खतरे से निपटने के लिए एनएसजी कमांडोज को देश में अगल-अगल महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया है. केंद्र सरकार ने राज्यों को त्योहारों से पहले देश के तमाम बड़े शहरों में अलर्ट में पुलिस को अलर्ट पर रहने के लिए कहा है.

केंद्र की एडवाइजरी पर राज्यों ने अपने यहां संवेदनशील और खतरे की आशंका वाले स्थानों की पहचान कर वहां पुलिस की क्विक रेसपांस टीम को तैनात कर दी हैं.

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