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दुनिया की इस जगह पर दफन है 8 करोड़ बोम्ब

ज़मीन में जिंदा बम

ज़मीन में जिंदा बम – यह हम सब जानतें है कि बम एक ऐसा घातक हथियार है जो पूरी दुनिया को नष्‍ट करने की ताकत रखता है।

बम का नाम सुनते ही हमारे जहन में विनाश की बातें सामने आ जाती हैं। आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताएगें जहां 8 करोड़ से भी ज्‍यादा बम जमीन के अंदर दफन है।

आपको बता दें कि साउथ एशिया में लाओस एक ऐसा देश है जहाँ ज़मीन में जिंदा बम दफ़न है –  जिसने अपने गर्भ में 8 करोड़ से ज्‍यादा बॉम्‍ब छिपा रखे हैं।

वैसे तो वियतनाम में हुए युद्ध को 40 से भी ज्‍यादा समय हो चुका है लेकिन आज भी इसकी मिट्टी से करोड़ों बमों की महक आती हैं।इस खौफनाक युद्ध में सीआईए ने खूब बमबारी की थी। उनका मुख्‍य उद्देश्‍य वियतनाम के सप्‍लायर रूट को बाधित करना था।

अमेरिकी विमानों को निर्धारित टारगेट तक पुहंचने से रोकने के लिए लाओस की धरती को डंपिंग ग्राउंड की तरह इस्‍तेमाल किया गया। युद्ध में अमेरिका ने इस जगह पर 27 करोड़ से भी ज्‍यादा बॉम्‍ब गिराए थे।

बॉम्‍ब की इस संख्‍या को देखा जाए तो अगले 9 सालों तक हर मिनट में बम से भरा एक प्‍लेन भर सकते हैं। इस गोलाबारी में 20000 से भी ज्‍यादा लोग मारे गए थे।

अगर आपको लगता है कि दफन किए हुए इन बमों से किसी को नुकसान नहीं पहुंचा तो आप गलत हैं।आज भी ज़मीन में जिंदा बम है –  2008 में इन बमों के कारण 300 से भी ज्‍यादा लोग मारे गए थे।

यूएन ने भी कहा है कि जिज्ञासा के चलते बच्‍चे इन बमों को खोल देते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।

इन सभी ज़मीन में जिंदा बम को निष्क्रिय करने के लिए एक दशक का समय और हर साल डेढ़ अरब रुपए का खर्च आएगा। लाओस के शिएंग खोउआंग में सबसे ज्‍यादा बम पाए जाते हैं।

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