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इजराइल के इस कदम ने बढ़ा दी है अरब देशों कि चिंताएं

लड़ाकू विमान एफ-35

इजराइल अपने सैन्य बेड़े में लड़ाकू विमान एफ-35 को शामिल करने जा रहा है.

इजराइल की वायु सेना में इस विमान के शामिल होने से अरब देशों की चिंताए बढ़ गई हैं. इजराइल को लेकर आशंकित रहने वाले अरब देश को अब भय सता रहा है कि इजराइल जिस तेजी से अपनी वायु सेना की मारक क्षमता बढ़ाने में लगा हुआ है, इसके पीछे उसकी कौन सी मंशा छिपी है.

आपको बता दें कि अमेरिका के बाद इजरायल पहला ऐसा देश है जिसके सैन्य बेड़े में अमेरिकी निर्मित लड़ाकू विमान एफ-35 स्टील्थ जेट विमान है. इस लड़ाकू विमान एफ-35 की खासियत है कि यह ऐसी गन से लैस है, जो एक मिनट में 3000 गोलियां दागने में सक्षम है. इतना ही नहीं यह फाइटर जेट टोह लेने और जमीन व हवा पे मार करने के साथ रडार को बिना दिखे दुश्मान के इलाके में घुसने में भी माहिर है. यह ईरान, सउदी अरब सहित दूर देशों में लक्ष्य को भेदने की क्षमता रखता है.

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि हमारे हथियार अब और भी अधिक मारक और शक्तिशाली बन चुके हैं. इसको लेकर अरब देशों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि नेतन्याहू जिस वक्त ये घोषणा कर रहे थे उस समय अमेरिकी रक्षा मंत्री ऐश कार्टर भी उनके साथ मौजूद थे.

वहीं कार्टर ने इजराइल की पीठ थपथपाते हुए यहां तक कह दिया कि लड़ाकू विमान एफ-35 इजरायल के लिए इस क्षेत्र में सैन्य बढ़त को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है. अरब देशों को अमेरिकी रक्षा मंत्री के बयान और इजराइल की वायु सेना में इजाफा करने में अमेरिका की मदद के पीछे इन दोनों देशों की कोई भावी गुप्त रणनीति की गंध आ रही है.

यही वजह है कि इस को लेकर अरब जगत में खलबली मची हुई है.

आप को बता दें कि अलग राष्ट्र बनने के बाद से ही इजराल और अरब देशों के बीच कई बार युद्ध हो चुके हैं.

वर्ष 1948 के मई महीने में ब्रिटेन की सेनाएं जब इस इलाके से वापस गईं, तो यहूदियों और फिलिस्तीनी अरबों में खूनी टकराव शुरू हो गया. 14 मई 1948 को यहूदियों ने जैसे ही स्वतन्त्रता की घोषणा करते हुए इजराइल नाम के एक नए देश का ऐलान किया. अगले ही दिन अरब देशों मिस्र, जोर्डन, सीरिया, लेबनान और इराक ने मिलकर इजराइल पर हमला कर दिया.

इजराइल ने इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया. लेकिन सन 1964 मे फिलिस्तीन लिबरेशन के गठन हुआ. इसका गठन इजराइल को समाप्त करने के उद्देश्य से हुआ था.

अरब जगत की आंखो में इजराइल हमेशा ही खटकता रहता है. लेकिन इजराइल की नीति है कि तुम पर कोई हमला करे उससे पहले तुम उस पर हमला करके उसे खत्म कर दो. इस वक्त इजराइल के निशाने पर ईरान का परमाणु कार्यक्रम है. उसकी पूरी कोशिश है कि किसी भी सूरत में ईरान के हाथों में परमाणु बम नहीं आने चाहिए.

वहीं अरब देशों में जहां भी इजराइल के खिलाफ हमले की कोई साजिश या तैयारी होती है तो उस चुनौती को इजराइल समय से पहले ही नष्ट कर देता है.

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